{"_id":"140-96652","slug":"Varanasi-96652-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"डा. जोशी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डा. जोशी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग
Varanasi
Updated Sat, 11 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। कांग्रेसी विधायक अजय राय ने शुक्रवार को आईजी जीएल मीना को पत्रक देकर गंगा की दुर्दशा के लिए भाजपा सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ राष्ट्रदोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने सांसद पर गंगा को टिहरी डैम में कैद कराने का आरोप लगाया। कहा कि गंगा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। टिहरी डैम के चलते ही गंगा की अविरलता व निर्मलता प्रभावित हुई है।
आईजी से बातचीत के दौरान विधायक के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि एनडीए के शासनकाल में ही टिहरी डैम का निर्माण हुआ। इसके लिए भाजपा शासनकाल में 2001 में जो समिति गठित की गई थी, उसके चेयरमैन तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री डा.मुरली मनोहर जोशी थे। कमेटी में चेयरमैन के अलावा 10 सदस्य थे। इस समिति की रिपोर्ट पर ही टिहरी डैम बना। समिति की रिपोर्ट पर दो सदस्य सहमत नहीं थे। दोनों सदस्यों ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर भी नहीं किया। विधायक अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता डा. जोशी ने यदि उसी समय टिहरी डैम का विरोध कर दिया होता तो गंगा की यह दुर्दशा नहीं होती। उन्होंने गंगा की दुर्दशा के लिए भाजपा सांसद को जिम्मेदार ठहराया और आईजी से उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने भाजपा नेताओं पर गंगा के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। कहा कि गंगा के नाम पर गुमराह करने की भाजपा की नीति जनता समझ गई है। भाजपा की यह नीति अब ज्यादा दिन तक नहीं चलेगी। मुक्तिदायिनी गंगा राष्ट्रीय धरोहर है। लोगों की आस्था की प्रतीक है। इसकी निर्मलता व अविरलता को बचाए रखने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में ललितेशपति त्रिपाठी, विजय शंकर पांडेय, प्रजानाथ शर्मा, कैलाश टंडन, राजेश खत्री, शैलेंद्र सिंह, बैजनाथ सिंह, अरविंद मिश्रा, यतींद्रनाथ चतुर्वेदी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
आईजी से बातचीत के दौरान विधायक के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि एनडीए के शासनकाल में ही टिहरी डैम का निर्माण हुआ। इसके लिए भाजपा शासनकाल में 2001 में जो समिति गठित की गई थी, उसके चेयरमैन तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री डा.मुरली मनोहर जोशी थे। कमेटी में चेयरमैन के अलावा 10 सदस्य थे। इस समिति की रिपोर्ट पर ही टिहरी डैम बना। समिति की रिपोर्ट पर दो सदस्य सहमत नहीं थे। दोनों सदस्यों ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर भी नहीं किया। विधायक अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता डा. जोशी ने यदि उसी समय टिहरी डैम का विरोध कर दिया होता तो गंगा की यह दुर्दशा नहीं होती। उन्होंने गंगा की दुर्दशा के लिए भाजपा सांसद को जिम्मेदार ठहराया और आईजी से उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने भाजपा नेताओं पर गंगा के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। कहा कि गंगा के नाम पर गुमराह करने की भाजपा की नीति जनता समझ गई है। भाजपा की यह नीति अब ज्यादा दिन तक नहीं चलेगी। मुक्तिदायिनी गंगा राष्ट्रीय धरोहर है। लोगों की आस्था की प्रतीक है। इसकी निर्मलता व अविरलता को बचाए रखने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में ललितेशपति त्रिपाठी, विजय शंकर पांडेय, प्रजानाथ शर्मा, कैलाश टंडन, राजेश खत्री, शैलेंद्र सिंह, बैजनाथ सिंह, अरविंद मिश्रा, यतींद्रनाथ चतुर्वेदी आदि शामिल थे।
विज्ञापन