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बीएचयू परिसर में क्यों रहते हैं प्रो. ओंकार सिंह
Varanasi
Updated Sat, 22 Nov 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार से शुरू हुए बवाल में पूर्व चीफ प्राक्टर प्रो. ओंकार सिंह का नाम आने के बाद अब पूर्व छात्र नेता भी उन्हें लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरने की तैयारी में हैं। सभी का कहना है कि आखिर किसी प्रोफेसर के रिटायरमेंट की उम्र क्या होती है, प्रो. आेंकार सिंह परिसर में कैसे रह रहे हैं। इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। छात्र नेताओं ने कहा कि क्या बीएचयू में योग्य शख्सियतों की कमी हो गई है। जिसके चलते 70 साल की उम्र पार कर चुके व्यक्ति से ही काम लिया जा रहा है।
पूर्व छात्र नेता मनोज सिंह काका ने कहा कि प्रो. ओंकार सिंह के रिटायरमेंट की आखिर उम्र क्या है। वे क्यों विश्वविद्यालय में रहते हैं जबकि उनके ऊपर मुकदमे चल रहे हैं। नब्बे के दशक के बाद जब भी परिसर का माहौल खराब हुआ उसमें प्रो. आेंकार सिंह की भूमिका प्रमुख रही। मनोज सिंह काका ने कहा कि यदि प्रो. ओंकार सिंह को बीएचयू परिसर से जल्द बेदखल नहीं किया गया तो जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। पूर्व उपाध्यक्ष डा. अरविंद शुक्ला ने कहा कि बीएचयू में वर्षों से कुलपति के बाद सर्वाधिक सुरक्षा और सम्मान प्रो. ओंकार सिंह को दिया जाता है। इसकी वजह क्या है। वे बार बार बीएचयू को माहौल हिंसक बनाते हैं। फिर भी विश्वविद्यालय प्रशासन उनसे पल्ला क्यों नहीं झाड़ता है। ऐसे शख्स को विश्वविद्यालय से बाहर कर स्वतंत्र एजेंसी से उनकी जांच कराई जानी चाहिए। नागरिक मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह ने कहा कि छात्रों की बर्बर तरीके से की गई पिटाई सोची समझी साजिश का परिणाम है। प्रभारी कुलपति व रेक्टर ने तानाशाही का परिचय दिया है। साथ ही, मामले में पूर्व चीफ प्राक्टर प्रो. ओंकार सिंह की भूमिका संदिग्ध है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शक्ति सिंह, डा. सूबेदार सिंह, सपा प्रदेश सचिव डा. ओपी सिंह, सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अवनीश पांडेय, पूर्व छात्रनेता हरिश्चंद्र पांडेय, डा. अवधेश दीक्षित, अधिवक्ता संजीव मिश्रा ने छात्रों की पिटाई की घटना की निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
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आइसा ने बीएचयू और जिला प्रशासन का फूंका पुतला
आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने बीएचयू परिसर में छात्रों की हुई पिटाई पर गुस्सा जताते हुए विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन का पुतला फूंका। आइसा कार्यकर्ताओं ने कहा कि घटना में घायल हुए छात्रों को हर्जाना दिया जाए और जल्द से जल्द छात्रसंघ बहाली की घोषणा की जाए। इस दौरान रजत, अमरदीप, गौरव, प्रियेश, देवांश, यादवेंद्र, हेमंत, शुभम आदि रहे।
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पूर्व छात्र नेता मनोज सिंह काका ने कहा कि प्रो. ओंकार सिंह के रिटायरमेंट की आखिर उम्र क्या है। वे क्यों विश्वविद्यालय में रहते हैं जबकि उनके ऊपर मुकदमे चल रहे हैं। नब्बे के दशक के बाद जब भी परिसर का माहौल खराब हुआ उसमें प्रो. आेंकार सिंह की भूमिका प्रमुख रही। मनोज सिंह काका ने कहा कि यदि प्रो. ओंकार सिंह को बीएचयू परिसर से जल्द बेदखल नहीं किया गया तो जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। पूर्व उपाध्यक्ष डा. अरविंद शुक्ला ने कहा कि बीएचयू में वर्षों से कुलपति के बाद सर्वाधिक सुरक्षा और सम्मान प्रो. ओंकार सिंह को दिया जाता है। इसकी वजह क्या है। वे बार बार बीएचयू को माहौल हिंसक बनाते हैं। फिर भी विश्वविद्यालय प्रशासन उनसे पल्ला क्यों नहीं झाड़ता है। ऐसे शख्स को विश्वविद्यालय से बाहर कर स्वतंत्र एजेंसी से उनकी जांच कराई जानी चाहिए। नागरिक मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह ने कहा कि छात्रों की बर्बर तरीके से की गई पिटाई सोची समझी साजिश का परिणाम है। प्रभारी कुलपति व रेक्टर ने तानाशाही का परिचय दिया है। साथ ही, मामले में पूर्व चीफ प्राक्टर प्रो. ओंकार सिंह की भूमिका संदिग्ध है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शक्ति सिंह, डा. सूबेदार सिंह, सपा प्रदेश सचिव डा. ओपी सिंह, सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अवनीश पांडेय, पूर्व छात्रनेता हरिश्चंद्र पांडेय, डा. अवधेश दीक्षित, अधिवक्ता संजीव मिश्रा ने छात्रों की पिटाई की घटना की निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
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आइसा ने बीएचयू और जिला प्रशासन का फूंका पुतला
आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने बीएचयू परिसर में छात्रों की हुई पिटाई पर गुस्सा जताते हुए विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन का पुतला फूंका। आइसा कार्यकर्ताओं ने कहा कि घटना में घायल हुए छात्रों को हर्जाना दिया जाए और जल्द से जल्द छात्रसंघ बहाली की घोषणा की जाए। इस दौरान रजत, अमरदीप, गौरव, प्रियेश, देवांश, यादवेंद्र, हेमंत, शुभम आदि रहे।
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