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बगैर बनाए ही बन गए 14 स्पीड ब्रेकर
Varanasi
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:31 AM IST
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वाराणसी। लहरतारा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की हालत जर्जर होने के चलते इससे होकर गुजरने वालों की मुसीबतें रोजाना बढ़ती ही जा रही हैं। पुल पर जगह-जगह हुए गड्ढे तो जानलेवा बन ही चुके हैं, इसके जोड़ों पर स्पीड ब्रेकर का रूप ले चुका तारकोल भी कम खतरनाक नहीं। छह सौ मीटर लंबे इस पुल पर बगैर बनाए ही 14 स्पीड ब्रेकर बन गए हैं। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ ही रोजाना पुल पर जाम भी लग रहा है। इन परेशानियों के बावजूद इसकी दशा सुधारने के लिए न तो लोक निर्माण विभाग कदम आगे बढ़ा रहा है और न जिलाधिकारी ही कोई पहल कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन इन जोड़ों पर भारी वाहनों से पहुंचता हर झटका इसे कमजोर बना रहा है।
चाहे कैंसर अस्पताल की ओर से आएं या फिर बौलिया की ओर से, लहरतारा पुल के दोनों छोर की शुरुआत होते ही वाहनों का सामना सबसे पहले गड्ढों से होता है। दोनों छोर से पुल पर चढ़ने के दौरान भारी वाहनों की गति धीमी रहती है। ऐसे में जोड़ाें पर स्पीड ब्रेकर की तरह उभरा तारकोल और गड्ढे चालकों को अचानक गियर बदलने और ब्रेक लगाने के लिए मजबूर कर देते हैं। इसके चलते भारी मालवाहक वाहन आए दिन कभी गियर फंसने से तो कभी एक्सल टूटने से खराब होकर जहां के तहां खड़े हो जाते हैं। इसके चलते जाम लग जाता है।
दरअसल, पुल के 14 ज्वाइंट के अगल-बगल तारकोल इकट्ठा होकर गति अवरोधक का आकार ले चुका है। जानकारों का कहना है कि हर दिन झटके सहता पुल किस दिन धोखा दे जाए, कहा नहीं जा सकता। ट्रैफिक की राह में मुसीबत बने ये स्पीड ब्रेकर कब किस पर भारी पड़ जाएं और हादसा हो जाए, कोई ठीक नहीं। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग भी आंखें मूंदे हुए है और जिला प्रशासन भी। इन सब दुश्वारियों के बीच लहरतारा पुल से रोजाना एक लाख छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। यही स्थिति रही तो भगवान ही मालिक।
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कोट्स
लहरतारा पुल की सड़क बेहद खराब है, ऊपर से ओवरलोड वाहनों के लगातार गुजरने से पुल के गड्ढों और जोड़ों के आसपास तारकोल एकत्र होकर स्पीड ब्रेकर के रूप में तब्दील हो गया है। ऐसा नहीं होना चाहिए, पुल तो सपाट होता है। पुल की सड़क दुरुस्त करा दी जाए तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं रह जाएगी। - केके सिंह, सेवानिवृत्त अभियंता
इनसेट
आरओबी के नीचे का भी हाल ठीक नहीं
लहरतारा आरओबी के प्रति लोक निर्माण विभाग की बेफिक्री का फायदा नगर निगम भी उठा रहा है। पुल के नीचे दीवारों के सहारे कूड़े का ढेर लगा है। इसके साथ ही पुल के दक्षिण की ओर की सर्विस रोड अरसे से बदहाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास रहने वाले लोग इसी रोड से शहर की ओर जाते हैं। पुल की हालत जर्जर होने के चलते दोपहिया और छोटे मालवाहक वाहन भी ज्यादातर इसी ओर से निकलते हैं। इसके बावजूद इसकी सुधि नगर निगम नहीं ले रहा है। वहीं, पुल की उत्तर दिशा की सर्विस रोड पर अवैध तरीके से रोजाना शाम के समय सब्जी मंडी संचालित होती है। इससे आमजन को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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चाहे कैंसर अस्पताल की ओर से आएं या फिर बौलिया की ओर से, लहरतारा पुल के दोनों छोर की शुरुआत होते ही वाहनों का सामना सबसे पहले गड्ढों से होता है। दोनों छोर से पुल पर चढ़ने के दौरान भारी वाहनों की गति धीमी रहती है। ऐसे में जोड़ाें पर स्पीड ब्रेकर की तरह उभरा तारकोल और गड्ढे चालकों को अचानक गियर बदलने और ब्रेक लगाने के लिए मजबूर कर देते हैं। इसके चलते भारी मालवाहक वाहन आए दिन कभी गियर फंसने से तो कभी एक्सल टूटने से खराब होकर जहां के तहां खड़े हो जाते हैं। इसके चलते जाम लग जाता है।
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दरअसल, पुल के 14 ज्वाइंट के अगल-बगल तारकोल इकट्ठा होकर गति अवरोधक का आकार ले चुका है। जानकारों का कहना है कि हर दिन झटके सहता पुल किस दिन धोखा दे जाए, कहा नहीं जा सकता। ट्रैफिक की राह में मुसीबत बने ये स्पीड ब्रेकर कब किस पर भारी पड़ जाएं और हादसा हो जाए, कोई ठीक नहीं। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग भी आंखें मूंदे हुए है और जिला प्रशासन भी। इन सब दुश्वारियों के बीच लहरतारा पुल से रोजाना एक लाख छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। यही स्थिति रही तो भगवान ही मालिक।
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लहरतारा पुल की सड़क बेहद खराब है, ऊपर से ओवरलोड वाहनों के लगातार गुजरने से पुल के गड्ढों और जोड़ों के आसपास तारकोल एकत्र होकर स्पीड ब्रेकर के रूप में तब्दील हो गया है। ऐसा नहीं होना चाहिए, पुल तो सपाट होता है। पुल की सड़क दुरुस्त करा दी जाए तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं रह जाएगी। - केके सिंह, सेवानिवृत्त अभियंता
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आरओबी के नीचे का भी हाल ठीक नहीं
लहरतारा आरओबी के प्रति लोक निर्माण विभाग की बेफिक्री का फायदा नगर निगम भी उठा रहा है। पुल के नीचे दीवारों के सहारे कूड़े का ढेर लगा है। इसके साथ ही पुल के दक्षिण की ओर की सर्विस रोड अरसे से बदहाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास रहने वाले लोग इसी रोड से शहर की ओर जाते हैं। पुल की हालत जर्जर होने के चलते दोपहिया और छोटे मालवाहक वाहन भी ज्यादातर इसी ओर से निकलते हैं। इसके बावजूद इसकी सुधि नगर निगम नहीं ले रहा है। वहीं, पुल की उत्तर दिशा की सर्विस रोड पर अवैध तरीके से रोजाना शाम के समय सब्जी मंडी संचालित होती है। इससे आमजन को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।