{"_id":"140-138931","slug":"Varanasi-138931-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैफिक की बदहाली ः आदेश पर आदेश, नतीजा शून्य ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैफिक की बदहाली ः आदेश पर आदेश, नतीजा शून्य
Varanasi
Updated Wed, 03 Sep 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। बीच सड़क खुले मैनहोल, जगह-जगह खोद कर छोड़े गए गड्ढे, छुट्टा पशुओं का जमावड़ा और रास्ता घेरे खड़े बिजली के खंभे। ये चार ऐसी वजहें हैं, जिनके चलते शहर में रोजाना जाम लगने के साथ ही दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ये ऐसी समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए न किसी बड़े प्लान की जरूरत है न ही शासन से स्वीकृति या अनुमोदन की, बावजूद इसके हालात जस के तस हैं। कमिश्नर से लेकर नगर आयुक्त तक के निर्देश के बाद भी इन समस्याओं के चलते ट्रैफिक बदहाल है और जनता परेशान। ऐसे में सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि आखिर ये अनदेखी क्यों। उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी क्या निर्देश जारी करने भर से ही पूरी हो जाती है...।
1. सड़कों पर खुले मैनहोल से खतरा
शहर की सड़कों पर जगह-जगह खुले मैनहोल कब किसकी जिंदगी पर भारी पड़ जाएं कोई ठीक नहीं। इनसे यातायात प्रभावित होने के साथ ही हादसे की आशंका भी लगातार बनी रहती है। खासकर रात के समय बिजली न रहने पर वाहन सवार इन खुले मैनहोलों में फंसकर अक्सर चोटहिल होते रहते हैं। कैंट-अंधरापुल, डीएलडब्ल्यू-मंड़ुवाडीह, महमूरगंज-रथयात्रा, जीटी रोड चौकाघाट सहित शहर के अन्य प्रमुख मार्गों और संपर्क मार्गों पर ऐसे दर्जनों मैनहोल खुले पड़े हैं। पिछले दिनों महापौर और नगर आयुक्त के अलावा कमिश्नर ने खुले मैनहोल पर ढक्कन लगाने और क्षतिग्रस्त मैनहोल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। हालांकि जलकल महाप्रबंधक का दावा है कि मैनहोल को दुरुस्त कराने का काम जारी है।
2. गड्ढा खोदकर भूल गए, बीच सड़क पर पंप
महमूरगंज-सिगरा मार्ग पर पद्मिनी होटल के पास, क्रांतीपल्ली, दुर्गाकुंड-कबीर नगर मार्ग, लंका-नगवां मार्ग सहित शहर के कई अन्य मार्गों पर सीवर और पेयजल पाइप लाइन से जुड़े कार्यों के लिए खुदाई कराई गई लेकिन महीनों बाद भी अब तक न तो कार्य पूरे हुए न गड्ढे पाटे गए। आवागमन में दुश्वारियों से राहगीर परेशान हैं लेकिन नगर निगम और जलकल संस्थान को कोई परवाह नहीं। अलबत्ता, सिगरा चौराहे के समीप जलनिकासी के लिए बीच सड़क पर स्थायी रूप से पंप लगाकर वहां भी जाम की मुसीबत खड़ी कर दी गई है। शायद ही ऐसा कोई दिन होता हो जब यहां जाम नहीं लगता। इस बारे में पूछने पर जलकल के अधिकारी कहते हैं कि संबंधित स्थानों पर काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद गड्ढे पटवाए जाएंगे।
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3. कभी थमता नहीं छुट्टा पशुओं का जमावड़ा
शहर के अतिव्यस्त इलाकों, प्रमुख मार्गों पर छुट्टा पशुओं का जमावड़ा पूरी ट्रैफिक व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। कहने को इन पर अंकुश के लिए नगर निगम का दस्ता अपने संसाधनों के साथ मुस्तैद रहता है लेकिन हालात देख कोई भी इनकी मुस्तैदी की परख कर सकता है। शहर के बाकी हिस्सों की छोडि़ए, गोदौलिया, चौक जैसे अतिव्यस्त इलाकों में भी सड़कों पर छुट्टा पशु विचरण करते नजर आते हैं। जबकि, नगर निगम के अधिकारी रोजाना अभियान चलाकर कार्रवाई करने का दावा करते हैं। जानकारों की मानें तो भीड़ भरे बाजारों में छुट्टा पशुओं से अक्सर आवागमन प्रभावित होता है लेकिन इन पर अंकुश के लिए कभी कोई ठोस पहल नहीं की जाती।
4. बजट जारी होने के बाद भी नहीं हटे खंभे
शहर की सड़कें चौड़ी हुईं लेकिन बीच राह लगे बिजली के खंभे नहीं हटाए गए। कैंट-अंधरापुल मार्ग, जीटी रोड चौकाघाट, लंका-भगवानपुर और सामने घाट सहित अन्य मार्गों पर बीच सड़क लगे बिजली के खंभों से आवागमन प्रभावित होने के साथ अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग चुप्पी साधे हुए है। जबकि, बीते दिनों मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव ने इस पर नाराजगी जताते हुए सड़कों के बीच से खंभे हटा कर किनारे करने का आदेश दिया था। इसके बाद इस कार्य के लिए बजट भी जारी हुआ लेकिन अब तक खंभे हटाए नहीं गए।
बिजली के खंभों को सड़क किनारे करने के लिए मंडलायुक्त ने धन जारी कर दिया है। मैनहोल के गड्ढे भी दुरुस्त कराए जा रहे हैं। रही बात छुट्टा पशुओं की तो अभियान चला कर उनकी धरपकड़ कराई जाएगी। शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी। - उमाकांत त्रिपाठी, नगर आयुक्त
रोजाना निरीक्षण कर जलकल विभाग से मैनहोल को दुरुस्त कराने का निर्देश दे रहा हूं। शहर की सड़कें सुधरवाने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा हूं। शहर का यातायात मेरी प्राथमिकता में है, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - रामगोपाल मोहले, महापौर
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1. सड़कों पर खुले मैनहोल से खतरा
शहर की सड़कों पर जगह-जगह खुले मैनहोल कब किसकी जिंदगी पर भारी पड़ जाएं कोई ठीक नहीं। इनसे यातायात प्रभावित होने के साथ ही हादसे की आशंका भी लगातार बनी रहती है। खासकर रात के समय बिजली न रहने पर वाहन सवार इन खुले मैनहोलों में फंसकर अक्सर चोटहिल होते रहते हैं। कैंट-अंधरापुल, डीएलडब्ल्यू-मंड़ुवाडीह, महमूरगंज-रथयात्रा, जीटी रोड चौकाघाट सहित शहर के अन्य प्रमुख मार्गों और संपर्क मार्गों पर ऐसे दर्जनों मैनहोल खुले पड़े हैं। पिछले दिनों महापौर और नगर आयुक्त के अलावा कमिश्नर ने खुले मैनहोल पर ढक्कन लगाने और क्षतिग्रस्त मैनहोल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। हालांकि जलकल महाप्रबंधक का दावा है कि मैनहोल को दुरुस्त कराने का काम जारी है।
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2. गड्ढा खोदकर भूल गए, बीच सड़क पर पंप
महमूरगंज-सिगरा मार्ग पर पद्मिनी होटल के पास, क्रांतीपल्ली, दुर्गाकुंड-कबीर नगर मार्ग, लंका-नगवां मार्ग सहित शहर के कई अन्य मार्गों पर सीवर और पेयजल पाइप लाइन से जुड़े कार्यों के लिए खुदाई कराई गई लेकिन महीनों बाद भी अब तक न तो कार्य पूरे हुए न गड्ढे पाटे गए। आवागमन में दुश्वारियों से राहगीर परेशान हैं लेकिन नगर निगम और जलकल संस्थान को कोई परवाह नहीं। अलबत्ता, सिगरा चौराहे के समीप जलनिकासी के लिए बीच सड़क पर स्थायी रूप से पंप लगाकर वहां भी जाम की मुसीबत खड़ी कर दी गई है। शायद ही ऐसा कोई दिन होता हो जब यहां जाम नहीं लगता। इस बारे में पूछने पर जलकल के अधिकारी कहते हैं कि संबंधित स्थानों पर काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद गड्ढे पटवाए जाएंगे।
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3. कभी थमता नहीं छुट्टा पशुओं का जमावड़ा
शहर के अतिव्यस्त इलाकों, प्रमुख मार्गों पर छुट्टा पशुओं का जमावड़ा पूरी ट्रैफिक व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। कहने को इन पर अंकुश के लिए नगर निगम का दस्ता अपने संसाधनों के साथ मुस्तैद रहता है लेकिन हालात देख कोई भी इनकी मुस्तैदी की परख कर सकता है। शहर के बाकी हिस्सों की छोडि़ए, गोदौलिया, चौक जैसे अतिव्यस्त इलाकों में भी सड़कों पर छुट्टा पशु विचरण करते नजर आते हैं। जबकि, नगर निगम के अधिकारी रोजाना अभियान चलाकर कार्रवाई करने का दावा करते हैं। जानकारों की मानें तो भीड़ भरे बाजारों में छुट्टा पशुओं से अक्सर आवागमन प्रभावित होता है लेकिन इन पर अंकुश के लिए कभी कोई ठोस पहल नहीं की जाती।
4. बजट जारी होने के बाद भी नहीं हटे खंभे
शहर की सड़कें चौड़ी हुईं लेकिन बीच राह लगे बिजली के खंभे नहीं हटाए गए। कैंट-अंधरापुल मार्ग, जीटी रोड चौकाघाट, लंका-भगवानपुर और सामने घाट सहित अन्य मार्गों पर बीच सड़क लगे बिजली के खंभों से आवागमन प्रभावित होने के साथ अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग चुप्पी साधे हुए है। जबकि, बीते दिनों मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव ने इस पर नाराजगी जताते हुए सड़कों के बीच से खंभे हटा कर किनारे करने का आदेश दिया था। इसके बाद इस कार्य के लिए बजट भी जारी हुआ लेकिन अब तक खंभे हटाए नहीं गए।
बिजली के खंभों को सड़क किनारे करने के लिए मंडलायुक्त ने धन जारी कर दिया है। मैनहोल के गड्ढे भी दुरुस्त कराए जा रहे हैं। रही बात छुट्टा पशुओं की तो अभियान चला कर उनकी धरपकड़ कराई जाएगी। शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी। - उमाकांत त्रिपाठी, नगर आयुक्त
रोजाना निरीक्षण कर जलकल विभाग से मैनहोल को दुरुस्त कराने का निर्देश दे रहा हूं। शहर की सड़कें सुधरवाने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा हूं। शहर का यातायात मेरी प्राथमिकता में है, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - रामगोपाल मोहले, महापौर