फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   गांव-गांव में घूमे केजरीवाल

गांव-गांव में घूमे केजरीवाल

Sun, 04 May 2014 05:30 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Sun, 04 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
वाराणसी। समय- सुबह सात बजे। स्थान- बीएचयू से सटा छित्तूपुर गांव। एक पुरानी क्वालिस गाड़ी में म्यूजिक बज रहा है मेरा रंग दे बसंती चोला--माई रंग दे----। बीच-बीच में अरविंद केजरीवाल का भाषण-मैं वाराणसी में एमपी बनने नहीं आया। मेरा मकसद यह होता तो दिल्ली की किसी सीट से लड़ जाता। मैं तो आगाह करने आया हूं-अगर आपने मोदी को जिता दिया तो महंगाई चार गुना बढ़ जाएगी। गैस, खाद और बिजली के दाम इतने बढ़ेंगे कि परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। लुंगी पहने चाय के कप के साथ कुछ लोग सुबह-सुबह अपने मोहल्ले में इस चहल-पहल को लेकर उत्सुक होते हैं। स्कूल जाते लड़के-लड़कियां ठिठकते हैं, कुछ पूछते हैं कि क्या केजरीवाल आने वाले हैं? यह जानकर कि सभा है कुछ स्कूल जाने का इरादा मुल्तवी कर देते हैं।
विज्ञापन

सभा स्थल पर भी गहमागहमी है। कुछ मोहल्ले के नौजवान और कुछ दिल्ली से आई केजरीवाल ब्रिगेड की महिलाएं इंतजाम में जुटी हैं। भीड़ थोड़ी है, उसमें कुछ ऐसे हैं जिनके सिर पर मोदी की टोपी है। अचानक 7.25 पर हल्ला होता है केजरीवाल आ रहे हैं। सभा स्थल आसपास के लोगों से भर जाता है। इसमें गांव में बने प्राइवेट हास्टलों में रहने वाले बीेचयू के छात्रों की संख्या ज्यादा है। केजरीवाल मंच पर पहुंचते हैं, 2-3 मिनट में स्थानीय लोगों के औपचारिक स्वागत के बाद शुरू हो जाते हैं। केजरीवाल दिल्ली से वाराणसी आने का औचित्य समझाते हैं। इसके बाद मोदी के पीएम बनने के बाद महंगाई चार गुनी बढ़ने की बात करते हैं तो भीड़ की हलचल बढ़ जाती है। नजर मोदी टोपी वालों की तरफ जाती है। कहते हैं कि मुझे कुछ लोग मोदी टोपी पहने दिखाई दे रहे हैं पर उनसे मेरा निवेदन है कि मेरी बात खुले दिमाग से सुन लें फिर जो मन करें वैसा करें। इसके बाद अंबानी-अडानी से मोदी के रिश्तों का आख्यान होता है। इसी बीच वह मुकेश अंबानी के खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट की प्रतिलिपि जेब से निकालते हैं (जैसे स्वर्गीय वीपी सिंह 1989 में बोफोर्स घोटाले संबंधी कागज अपनी जेेब से निकालते थे), कहते हैं, यह हिम्मत बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने ही दिखाई थी।
विज्ञापन

भीड़ में चुप्पी होती है मोदी टोपी वाले भी सुनते हैं कुछ प्रतिक्रिया नहीं देते। बमुश्किल 10-12 मिनट का भाषण होता है और सभा खत्म हो जाती है। दिल्ली से आई आईटी प्रोफेशनल ऋचा पांडेय मंच पर चढ़कर नारा लगाती है..पैसे पर न दारू पे, बटन दबेगा झाड़ू पर। काफिला रवाना हो जाता है अगले पड़ाव सीर गोवर्धनपुर के लिए। पर सभास्थल पर बचे लोग चर्चा में मशगूल हो जाते हैं। मोहल्ले के चंद्रिका तिवारी कहते हैं कि उनका वोट तो झाड़ू पर ही जाएगा पर बगल में खड़े कैलाश कहते हैं कि बात तो सही कर रहे हैं पर इनको वोट देना बेकार, क्योंकि जीत तो नहीं रहे हैं। वोट खराब करने से क्या फायदा? ऐसी ही तरह तरह की प्रतिक्रियाएं कुछ पक्ष में कुछ विरोध में। दिल्ली से आए ़डा. वीके जैन पूरे रोड शो के दौरान केजरीवाल के आंदोलन पर केंद्रित ‘आप की क्रांति’ टेबलाइट अखबार बांटते रहते हैं। केजरीवाल का शनिवार का दिन ग्रामीण इलाकों के नाम रहा। इस दिन केजरीवाल ने छित्तूपुर और सीर गोवर्धन सहित शाम छह बजे तक विभिन्न स्थानों पर रोड शो करते हुए 20 छोटी-बड़ी सभाओं को संबोधित किया। रविवार को ग्रामीण इलाकों में ही वह रोड शो के साथ 22 सभाओं को संबोधित करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट....
कार्यकर्ता की मां के निधन पर पहुंचे केजरीवाल
वाराणसी। कोइली के पुल के पास अरविंद को पता चला कि एक कार्यकर्ता की मां का निधन हो गया है। वह बिना पूर्व कार्यक्रम के वहां पहुंच गए। अरविंद का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed