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विदेशी छात्रों के खंगाले गए रिकार्ड
Varanasi
Updated Sun, 23 Feb 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। स्टूडेंट वीजा पर आतंकियों के टिके होने के शक पर शनिवार को संपूर्णानंद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विदेशी छात्रों के रिकार्ड खंगाला। जिन तीन नाम के विदेशी छात्रों के स्टूडेंट वीजा पर विश्वविद्यालय में रहने का शक है उनमें से एक म्यांमार के पाइयाजोता आचार्य द्वितीय वर्ष के छात्र से पूछताछ की गई। उसका कहना था कि उसने कभी बोध गया की यात्रा ही नहीं की जबकि संदीमा नामक छात्र 10 माह पहले यहां से जा चुका है। तीसरे छात्र तजिंदा का कोई रिकार्ड नहीं मिला। विभिन्न कक्षाओं में पंजीकृत 100 विदेशी छात्रों का ब्यौरा देर शाम कुलसचिव ने पुलिस को भेज दिया।
शोध के नाम पर स्टूटेंड वीजा हासिल करने वाले आतंकियों के काशी में छिपने के मामले में पुलिस ने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विदेशी छात्रों का ब्योरा तलब किया था। पुलिस ने तीन विदेशी छात्रों म्यामार के संदीमा, पाइयाजोता और तजिंदा पर बोध गया के आतंकी विस्फोट में शामिल होने का संदेह जताया है। इनमें से एक म्यांमार का पाइयाजोता पालि एवं थेरवाद विभाग में आचार्य द्वितीय वर्ष का छात्र है। उससे छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार द्विवेदी और विदेशी छात्र सलाहकार प्रो. रमेश प्रसाद ने पूछताछ की। छात्र का कहना था कि वह कभी बोध गया गया ही नहीं। म्यांमार के ही दूसरे संदीमा नामक जिस छात्र की गया विस्फोट में संलिप्तता बताई जा रही है, वह आठ साल से संपूर्णानंद विश्वविद्यालय का छात्र है। आचार्य के बाद पीएचडी भी उसने यहीं से की। 14 दिसंबर 2011 को उसने डी लिट में पंजीयन कराया। मई 2013 में वीजा अवधि खत्म होने के कारण वह 10 माह से यहां नहीं रह रहा है। तजिंदा नाम के छात्र का कोई रिकार्ड नहीं मिला। एसएसपी को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां कुल सौ विदेशी छात्र हैं, जिनमें 69 को हास्टल आवंटित है।
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शोध के नाम पर स्टूटेंड वीजा हासिल करने वाले आतंकियों के काशी में छिपने के मामले में पुलिस ने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विदेशी छात्रों का ब्योरा तलब किया था। पुलिस ने तीन विदेशी छात्रों म्यामार के संदीमा, पाइयाजोता और तजिंदा पर बोध गया के आतंकी विस्फोट में शामिल होने का संदेह जताया है। इनमें से एक म्यांमार का पाइयाजोता पालि एवं थेरवाद विभाग में आचार्य द्वितीय वर्ष का छात्र है। उससे छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार द्विवेदी और विदेशी छात्र सलाहकार प्रो. रमेश प्रसाद ने पूछताछ की। छात्र का कहना था कि वह कभी बोध गया गया ही नहीं। म्यांमार के ही दूसरे संदीमा नामक जिस छात्र की गया विस्फोट में संलिप्तता बताई जा रही है, वह आठ साल से संपूर्णानंद विश्वविद्यालय का छात्र है। आचार्य के बाद पीएचडी भी उसने यहीं से की। 14 दिसंबर 2011 को उसने डी लिट में पंजीयन कराया। मई 2013 में वीजा अवधि खत्म होने के कारण वह 10 माह से यहां नहीं रह रहा है। तजिंदा नाम के छात्र का कोई रिकार्ड नहीं मिला। एसएसपी को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां कुल सौ विदेशी छात्र हैं, जिनमें 69 को हास्टल आवंटित है।
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