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विपुल कांड में प्रयुक्त बाइक को पुलिस ने कब्जे में लिया
Varanasi
Updated Mon, 06 Jan 2014 05:45 AM IST
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सेवापुरी। काफी विरोध के बाद जंसा पुलिस ने विपुल कांड में प्रयुक्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। विपुल के पिता का आरोप है कि पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने की जगह तहरीर बदलने के लिए उनके उपर दबाव बना रही है। इस मामले में न्याय के लिए पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी।
सातों गांव निवासी विपुल पांडेय एक जनवरी को घर से पैसा लेकर इलाहाबाद में माल वाहन टेंपो फाइनेंस कराने के लिए अपने पड़ोसी के साथ गया था। रात में लौटते समय वह जंसा पुलिस को हरसोस में लहूलुहान मिला। पूछने पर उसके पड़ोसी संतोष ने बताया कि नील गाय से टक्कर होने के कारण बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कबीरचौरा अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने विपुल को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने बाइक पड़ोसी को सुपुर्द कर दिया। काफी विरोध करने पर पुलिस ने बाइक को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने बताया कि बाइक का शीशा टूट गया था लेकिन विपुल के पिता ज्वाला प्रसाद पांडेय का कहना है कि बाइक में घटना के बाद खरोंच नही आई थी। उसका फोटोग्राफ्स मौजूद है। घटना के बाद संतोष ने इलाज का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर प्रस्तुत कराया है। इस मामले में प्रमाण पत्र की मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाएगी। पिता का आरोप है कि पुलिस उसे थाने में घंटों बैठाकर तहरीर बदलने के लिए दबाव बना रही है लेकिन वह अपनी तहरीर नही बदलने पर अडिग है।
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सातों गांव निवासी विपुल पांडेय एक जनवरी को घर से पैसा लेकर इलाहाबाद में माल वाहन टेंपो फाइनेंस कराने के लिए अपने पड़ोसी के साथ गया था। रात में लौटते समय वह जंसा पुलिस को हरसोस में लहूलुहान मिला। पूछने पर उसके पड़ोसी संतोष ने बताया कि नील गाय से टक्कर होने के कारण बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कबीरचौरा अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने विपुल को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने बाइक पड़ोसी को सुपुर्द कर दिया। काफी विरोध करने पर पुलिस ने बाइक को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने बताया कि बाइक का शीशा टूट गया था लेकिन विपुल के पिता ज्वाला प्रसाद पांडेय का कहना है कि बाइक में घटना के बाद खरोंच नही आई थी। उसका फोटोग्राफ्स मौजूद है। घटना के बाद संतोष ने इलाज का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर प्रस्तुत कराया है। इस मामले में प्रमाण पत्र की मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाएगी। पिता का आरोप है कि पुलिस उसे थाने में घंटों बैठाकर तहरीर बदलने के लिए दबाव बना रही है लेकिन वह अपनी तहरीर नही बदलने पर अडिग है।
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