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बिजली ने की नींद हराम, गुस्साई जनता सड़क पर

Sun, 15 Sep 2013 05:36 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Sun, 15 Sep 2013 05:36 AM IST
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वाराणसी। मनमाने तरीके से होने वाली विद्युत कटौती से लोगों की नींद हराम कर दी है। शनिवार को कंट्रोल ने पांच चरणों में साढ़े छह घंटे की कटौती की गई। ऊपर से स्थानीय गड़बडि़यों को समय से दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। कुछ इलाकों में महज 12 घंटे बिजली मिली तो कहीं वह भी नहीं। इस अव्यवस्था के खिलाफ जनता का गुस्सा शनिवार को भी देखने को मिला। ग्रामीणों ने लेढ़ूपुर 132 केवी उपकेंद्र पर तालाबंदी की और दो घंटे तक हंगामा किया। कोयलाबाजार में गुस्साई भीड़ ने रास्ता रोक लिया।
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कंट्रोल ने भोर में दो से चार बजे तक शहर की बिजली काटी। लगातार तीसरे दिन शेड्यूल के खिलाफ हुई इस कटौती ने लोगों की नींद उजाड़ दी। दिन में 10 बजे के करीब आधा घंटे और एक से तीन बजे तक दो घंटे की कटौती हुई। शाम को 7.10 से 8.15 तक कटौती हुई। कंट्रोल ने महज एक घंटे बाद 9.15 से 12 बजे रात तक के लिए कटौती कराई थी लेकिन एक घंटे बाद रात 10.15 बजे आपूर्ति बहाल कर दी गई। शाम सात से रात 12 बजे तक महज सवा घंटे बिजली मिली। चौकाघाट उपकेंद्र से जुड़े इलाकों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। अंधरापुल के पास केबिल कटने से रात 12 बजे तक पूरा उपकेंद्र ठप रहा।
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लेढूपुर 33 केवी उपकेंद्र का 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर जलने से रुस्तमपुर, चिरईगांव, चूनाडीह, शंकरपुर, सीवों, सिंहवार आदि गांवों की आपूर्ति ठप है। लगभग दो हफ्ते से बिजली नहीं मिलने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने लेढूपुर 132 केवी उपकेंद्र पर 10.55 बजे धावा बोल दिया। उन्होंने सभी 33 केवी फीडरों की आपूर्ति बंद करा और तालाबंद कर दिया। दिन में सवा एक बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आपूर्ति बहाल हुई। तब तक कटौती शुरू हो गई और वरुणापार से चौबेपुर, मैदागिन, काशी, मछोदरी, चौक उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप रही। बिजली आई तो ओवरलोड के कारण ट्रिपिंग शुरू हो गई। हसनपुर का जला ट्रांसफार्मर नहीं बदलने से क्षुब्ध नागरिकों ने सभासद साजिद अंसारी और कांग्रेस नेता सीताराम केसरी के नेतृत्व में कोयलाबाजार के समीप शाम सात बजे रास्ता रोक दिया। आंदोलन रात नौ बजे तक चलता रहा। मानिकपुर डिहवा का ट्रांसफार्मर शुक्रवार को बदला गया लेकिन शनिवार को उससे धुआं उठने लगा। ठंडा करने के लिए कर्मचारियों ने ट्रांसफार्मर बंद कर दिया। इससे क्षुब्ध होकर सरकारीपुरा क्षेत्र के निवासी रात नौ बजे उपकेंद्र पर पहुंच गए और कर्मचारियों से धक्कामुक्की की। आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। सेनपुरा मैदान में महीने भर में छह बार ट्रांसफार्मर जल गया। क्षेत्रीय नागरिकों ने 800 रुपये ट्रैक्टर भाड़ा देकर ट्रांसफार्मर मंगवाया और सात सौ रुपये देकर उसे लगवा लिया। चउरछटवा का भी ट्रांसफार्मर जल गया है, जिससे बाग बरियारसिंह, छोटी पियरी, सेनपुरा मुहल्ले की बिजली गुल हो गई है।
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