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शिक्षा में राजर्षि का योगदान अतुलनीय
Varanasi
Updated Wed, 04 Sep 2013 05:35 AM IST
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वाराणसी (ब्यूरो)। राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव ने शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया है। सभी को शिक्षित बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ना ही उनके जीवन का मूल मकसद था। उक्त उद्गार यूपी कालेज में मंगलवार को राजा उदय प्रताप सिंह जूदेव की 164वीं जयंती पर आयोजित समारोह में पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उदय प्रताप सिंह ने अपने विचारों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में जो अलख जगाई थी वह आज भी बरकरार है। युवाओं को राजा उदय प्रताप सिंह जूदेव का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आगे आकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की अपील भी की।
इससे पूर्व पर्यटन मंत्री ने संस्थापक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किया। विद्यार्थियों ने मंगलाचरण के जरिए उन्हें अपनी भावांजलि अर्पित की। उदय प्रताप शिक्षा समिति के अध्यक्ष न्यायमूति केएन सिंह ने पिछले दिनों बिजली के करेंट से झुलसे छात्रों के इलाज का पूरा खर्च वहन करने की घोषणा की। कालेज के संयुक्त सचिव डॉ. एपी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया जबकि सचिव यूएन सिन्हा ने संस्थापक राजा उदय प्रताप सिंह जूदेव के जीवन पर प्रकाश डाला।
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इससे पूर्व पर्यटन मंत्री ने संस्थापक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किया। विद्यार्थियों ने मंगलाचरण के जरिए उन्हें अपनी भावांजलि अर्पित की। उदय प्रताप शिक्षा समिति के अध्यक्ष न्यायमूति केएन सिंह ने पिछले दिनों बिजली के करेंट से झुलसे छात्रों के इलाज का पूरा खर्च वहन करने की घोषणा की। कालेज के संयुक्त सचिव डॉ. एपी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया जबकि सचिव यूएन सिन्हा ने संस्थापक राजा उदय प्रताप सिंह जूदेव के जीवन पर प्रकाश डाला।
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