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अब 1130 किसानों का कर्ज होगा माफ
Updated Sun, 06 May 2018 01:24 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी किसान ऋणमोचन योजना से किन्ही कारणों से वंचित रह गए 1130 किसानों का एक लाख तक कर्ज माफ होगा। कृषि विभाग ने पात्र किसानों का चयन कर शासन को प्रस्ताव भेजा है। इसके लिए सरकार से सात करोड़ 84 लाख की डिमांड की गई है। धनराशि आते ही किसानों का कर्ज माफ हो जाएगा। कृषि विभाग के पोर्टल पर आए 3767 आवेदनों में करीब ढाई हजार छंट गए हैं।
सूबे की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली कैबिनेट बैठक में किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ करने पर मुहर लगाई। किसान ऋण मोचन योजना के तहत जिले में कर्जमाफी के लिए 22 हजार किसान चिह्नित हुए थे। तीन चरणों में सत्यापन के बाद करीब 10 हजार किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया गया। गांवों में लेखपालों के चलते बड़ी संख्या में पात्र किसान भी योजना से वंचित हो गए। प्रदेश में विरोध के सुर तेज होने पर शासन ने दुबारा कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन करने की मोहलत दी। 15 अप्रैल तक जिले के छह ब्लॉकों से 3767 किसानों ने आवेदन किया। तहसीलों और बैंको से सत्यापन होने के बाद मात्र 1130 किसान ही कर्जमाफी के दायरे में आए। कृषि विभाग की ओर से 1130 किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने के लिए शासन से सात करोड़ 84 लाख की डिमांड भेजी। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि 3767 किसानों में 1572 तहसीलों से ही छंट गए। करीब एक हजार आवेदन बैंको की ओर से निरस्त कर दिया गया।
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सूबे की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली कैबिनेट बैठक में किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ करने पर मुहर लगाई। किसान ऋण मोचन योजना के तहत जिले में कर्जमाफी के लिए 22 हजार किसान चिह्नित हुए थे। तीन चरणों में सत्यापन के बाद करीब 10 हजार किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया गया। गांवों में लेखपालों के चलते बड़ी संख्या में पात्र किसान भी योजना से वंचित हो गए। प्रदेश में विरोध के सुर तेज होने पर शासन ने दुबारा कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन करने की मोहलत दी। 15 अप्रैल तक जिले के छह ब्लॉकों से 3767 किसानों ने आवेदन किया। तहसीलों और बैंको से सत्यापन होने के बाद मात्र 1130 किसान ही कर्जमाफी के दायरे में आए। कृषि विभाग की ओर से 1130 किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने के लिए शासन से सात करोड़ 84 लाख की डिमांड भेजी। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि 3767 किसानों में 1572 तहसीलों से ही छंट गए। करीब एक हजार आवेदन बैंको की ओर से निरस्त कर दिया गया।
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