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भाई की मौत के बाद थामा जरायम का दामन
Updated Thu, 12 Apr 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। कोतवाली थाना अंतर्गत मध्यमेश्वर निवासी हिस्ट्रीशीटर रामबाबू यादव वर्ष 2010 में मुठभेड़ में मारा गया मुन्ना बजरंगी गिरोह का शूटर बाबू यादव का भांजा है। रामबाबू का छोटा भाई श्याम बाबू करीब 13 साल पहले भाजपा नेता दयाशंकर मिश्रा के ऊपर जानलेवा हमले के दौरान क्रास फायरिंग में मारा गया था। भाई की मौत के बाद रामबाबू पूरी तरह जरायम की दुनिया में उतर आया। फिर रईस बनारसी और सनी सिंह की शागिर्दी में कुख्यात हो गया।
2015 में सनी के एनकाउंटर के बाद उसके गिरोह के कई सदस्य रामबाबू के साथ आ गए। रामबाबू जेल से ही अपना गिरोह संचालित करने लगा। अभी पिछले दिनों होली के पहले जेल से जमानत पर छूटे रामबाबू ने मध्यमेश्वर स्थित पैतृक आवास को छोड़कर कोनिया में अपना नया ठिकाना बनाया था। बीते साल शिवपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में पुलिस ने रामबाबू को गिरफ्तार किया था जबकि रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू सहित उसके दो साथी भाग निकले थे। मारे गए बदमाश सनी के साथ रामबाबू ने वर्ष 2011 में दशाश्वमेध क्षेत्र में लस्सी विक्रेता गोपाल यादव की हत्या की थी। हाल के दिनों में जेल से बाहर आने पर 27 मार्च की रात रामबाबू अपने चार साथियों के साथ दारानगर के पार्षद मनोज यादव के घर पहुंचा था। उनके भाई कृष्णा की कनपटी पर असलहा सटा दिया था। धमकाया था कि यदि मेरे मामले में किसी ने गवाही दी तो पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। मुहल्ले के लोग इकट्ठा हुए तो रामबाबू भाग निकला था। इसी मामले को लेकर रामबाबू के खिलाफ कोतवाली थाने से 25 हजार का इनाम घोषित हुआ था।
एक दिन पहले गोइठहां में लूटी थी बाइक
मंगलवार को रामबाबू ने गोइठहां में असलहा सटाकर मार्कंडेय यादव की बाइक लूट ली थी। बुधवार को रामबाबू गिरफ्तार हुआ तो उसके पास से ही वहीबाइक बरामद हुई। पुलिस के अनुसार रामबाबू विशेश्वरगंज क्षेत्र की मंडियों से लेकर रामनगर तक के व्यापारियों से रंगदारी वसूलता था। कई व्यापारी उसके खौफ में चुपचाप रकम पहुंचा देते थे। विवादित जमीनों पर कब्जा कराने में भी रामबाबू का दखल रहता था।
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ताबड़तोड़ फायरिंग से सिंहपुर में दहशत
बुधवार की देर शाम सिंहपुर गांव में अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना सौ नंबर पर भी दे दी। मुठभेड़ वाले स्थान के समीप जब पुलिस नजर आई तब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
गिरफ्तार करने वाली टीम होगी पुरस्कृत
एसएसपी ने बताया कि इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत कराया जाएगा। इस कार्रवाई में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह व एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई राकेश सिंह, कांस्टेबल सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, चंद्रसेन, कुलदीप सिंह, रामभवन यादव व सुनील राय और इंस्पेक्टर सारनाथ अखिलेश मिश्र व उनकी टीम शामिल रही।
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2015 में सनी के एनकाउंटर के बाद उसके गिरोह के कई सदस्य रामबाबू के साथ आ गए। रामबाबू जेल से ही अपना गिरोह संचालित करने लगा। अभी पिछले दिनों होली के पहले जेल से जमानत पर छूटे रामबाबू ने मध्यमेश्वर स्थित पैतृक आवास को छोड़कर कोनिया में अपना नया ठिकाना बनाया था। बीते साल शिवपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में पुलिस ने रामबाबू को गिरफ्तार किया था जबकि रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू सहित उसके दो साथी भाग निकले थे। मारे गए बदमाश सनी के साथ रामबाबू ने वर्ष 2011 में दशाश्वमेध क्षेत्र में लस्सी विक्रेता गोपाल यादव की हत्या की थी। हाल के दिनों में जेल से बाहर आने पर 27 मार्च की रात रामबाबू अपने चार साथियों के साथ दारानगर के पार्षद मनोज यादव के घर पहुंचा था। उनके भाई कृष्णा की कनपटी पर असलहा सटा दिया था। धमकाया था कि यदि मेरे मामले में किसी ने गवाही दी तो पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। मुहल्ले के लोग इकट्ठा हुए तो रामबाबू भाग निकला था। इसी मामले को लेकर रामबाबू के खिलाफ कोतवाली थाने से 25 हजार का इनाम घोषित हुआ था।
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एक दिन पहले गोइठहां में लूटी थी बाइक
मंगलवार को रामबाबू ने गोइठहां में असलहा सटाकर मार्कंडेय यादव की बाइक लूट ली थी। बुधवार को रामबाबू गिरफ्तार हुआ तो उसके पास से ही वहीबाइक बरामद हुई। पुलिस के अनुसार रामबाबू विशेश्वरगंज क्षेत्र की मंडियों से लेकर रामनगर तक के व्यापारियों से रंगदारी वसूलता था। कई व्यापारी उसके खौफ में चुपचाप रकम पहुंचा देते थे। विवादित जमीनों पर कब्जा कराने में भी रामबाबू का दखल रहता था।
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ताबड़तोड़ फायरिंग से सिंहपुर में दहशत
बुधवार की देर शाम सिंहपुर गांव में अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना सौ नंबर पर भी दे दी। मुठभेड़ वाले स्थान के समीप जब पुलिस नजर आई तब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
गिरफ्तार करने वाली टीम होगी पुरस्कृत
एसएसपी ने बताया कि इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत कराया जाएगा। इस कार्रवाई में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह व एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई राकेश सिंह, कांस्टेबल सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, चंद्रसेन, कुलदीप सिंह, रामभवन यादव व सुनील राय और इंस्पेक्टर सारनाथ अखिलेश मिश्र व उनकी टीम शामिल रही।