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घर में शौचालय नहीं होने पर किया शादी से इनकार
Updated Wed, 06 Dec 2017 02:13 AM IST
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लोहता (वाराणसी)। घर में शौचालय नहीं होने से दो परिवारों के बीच रिश्ते जुड़ने से पहले ही टूट गए। लड़का पसंद होने के बाद लड़की पक्ष के लोग शादी की बात पक्की करने उसके घर आए थे। स्वागत-सत्कार के बीच जब लड़के के घर शौचालय न होने की जानकारी लड़की पक्ष वालों को हुई तो भड़क गए। उन्होंने रिश्ते से इनकार कर दिया। लड़के पक्ष की मनुहार के बावजूद बात नहीं बनी।
मामला काशी विद्यापीठ ब्लॉक से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित शिवदासपुर के पंचवटी नगर का है। घर के मुखिया नंदलाल के दो बेटे हैं। नंदलाल की पत्नी मंजू देवी का बीमारी के चलते तीन साल पहले निधन हो गया था। उनके बड़े बेटे की शादी के लिए मंडुवाडीह से लोग रिश्ते की बात करने मंगलवार को आए हुए थे। ट्राली चलाकर मुश्किल से घर चला पाने वाले नंदलाल ने बताया कि सोचा था कि बहू आ जाएगी तो कम से कम दो वक्त भोजन समय पर मिलने लगेगा। कोई घर संभालने वाला हो जाएगा लेकिन शौचालय न होने से अरमान पूरा नहीं हो पाया। लड़का पसंद होने के बाद लोग घर आए थे लेकिन उन्हें पता चला कि घर में शौचालय नहीं है तो वे नाराज हो गए और ऐसे घर में अपनी बेटी की शादी करने से इंकार कर दिया। नंदलाल ने बताया कि उसके पास सामर्थ्य नहीं है कि वह शौचालय बनवा पाए। सरकारी योजना की मदद से शौचालय बनवाने के लिए वह ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक कार्यालय तक अर्जी लगा चुका है। चक्कर लगाते-लगाते थक चुका है लेकिन अब तक किसी ने उसकी नहीं सुनी।
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मामला काशी विद्यापीठ ब्लॉक से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित शिवदासपुर के पंचवटी नगर का है। घर के मुखिया नंदलाल के दो बेटे हैं। नंदलाल की पत्नी मंजू देवी का बीमारी के चलते तीन साल पहले निधन हो गया था। उनके बड़े बेटे की शादी के लिए मंडुवाडीह से लोग रिश्ते की बात करने मंगलवार को आए हुए थे। ट्राली चलाकर मुश्किल से घर चला पाने वाले नंदलाल ने बताया कि सोचा था कि बहू आ जाएगी तो कम से कम दो वक्त भोजन समय पर मिलने लगेगा। कोई घर संभालने वाला हो जाएगा लेकिन शौचालय न होने से अरमान पूरा नहीं हो पाया। लड़का पसंद होने के बाद लोग घर आए थे लेकिन उन्हें पता चला कि घर में शौचालय नहीं है तो वे नाराज हो गए और ऐसे घर में अपनी बेटी की शादी करने से इंकार कर दिया। नंदलाल ने बताया कि उसके पास सामर्थ्य नहीं है कि वह शौचालय बनवा पाए। सरकारी योजना की मदद से शौचालय बनवाने के लिए वह ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक कार्यालय तक अर्जी लगा चुका है। चक्कर लगाते-लगाते थक चुका है लेकिन अब तक किसी ने उसकी नहीं सुनी।
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