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काशी की धरा आज रचेगी दीपों का तारामंडल
Updated Sat, 04 Nov 2017 02:22 AM IST
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वाराणसी। काशी में शनिवार की शाम देवलोक उतरेगा। पूनम की चांदनी के बीच उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर दीपमालाओं की शृंखला सजेगी। घाटों, मढ़ियों, सीढ़ियों पर कहीं स्वच्छता अभियान तो कहीं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दीपों की अल्पनाओं के जरिए दिया जाएगा। दशाश्वमेध घाट पर शुक्रवार की शाम इंडिया गेट की रिप्लिका तैयार कर ली गई। यहां सेना के अफसर कारगिल शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति जलाकर पुष्परीथ अर्पित करेंगे।
देव दीपावली पर अस्सी से राजघाट और संत रविदास घाट से विश्व सुंदरी पुल के बीच सौ से अधिक घाटों पर दीप महोत्सव की छटा बिखेरगी। राजनीति, कला, संगीत के अलावा उद्योग जगत की हस्तियां इस महोत्सव के नजारे की साक्षी बनेंगी। देश के कोने-कोने से सैलानी देव दीपावली की छटा निहारने के लिए काशी पहुंच गए हैं। इसके मद्देनजर शुक्रवार को दो-दो लाख रुपये में भी बजड़ों की बुकिंग हुई। छोटी, मझोली और बड़ी नावों को मिलाकर चार हजार से अधिक नावों के झुंड देव दीपावली महोत्सव में घाटों पर इतराएंगे।
उधर, शीतला घाट पर सौ फीट लंबे पैंटून के भव्य मंच को अंतिम रूप दे दिया गया है। गंगा सेवा निधि की ओर से इस मंच पर ठुमरी गायिका पद्मश्री सोमा घोष दादरा, ठुमरी से समा बांधेंगी। यहां तीन शहीदों को भगीरथ शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा। सौ कुंतल से अधिक गेंदा, गुलाब, बेला के फूलों के वंदनवारों से महलों, घाटों, बजड़ों और मंचों को सजाने का काम रात तक अंतिम दौर में था।
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महोत्सव को यादगार बनाने के लिए आरती स्थल की मढ़ियों के अलावा घाटों को गेंदा की मालाओं से सजा दिया गया है। दशाश्वमेध और शीतला घाट पर 42-42 देव कन्याएं चंवर डुलाएंगी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बटुक गंगा की महाआरती करेंगे। अस्सी घाट, तुलसी घाट, हनुमान घाट, शिवाला घाट, राजा घाट, मान सरोवर घाट, अहिल्या बाई घाट, पांडेय घाट, केदार घाट, मान मंदिर घाट, ललिता घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट के अलावा राजघाट पर दीपोत्सव की छटा देखते बनेगी।
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देव दीपावली पर अस्सी से राजघाट और संत रविदास घाट से विश्व सुंदरी पुल के बीच सौ से अधिक घाटों पर दीप महोत्सव की छटा बिखेरगी। राजनीति, कला, संगीत के अलावा उद्योग जगत की हस्तियां इस महोत्सव के नजारे की साक्षी बनेंगी। देश के कोने-कोने से सैलानी देव दीपावली की छटा निहारने के लिए काशी पहुंच गए हैं। इसके मद्देनजर शुक्रवार को दो-दो लाख रुपये में भी बजड़ों की बुकिंग हुई। छोटी, मझोली और बड़ी नावों को मिलाकर चार हजार से अधिक नावों के झुंड देव दीपावली महोत्सव में घाटों पर इतराएंगे।
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उधर, शीतला घाट पर सौ फीट लंबे पैंटून के भव्य मंच को अंतिम रूप दे दिया गया है। गंगा सेवा निधि की ओर से इस मंच पर ठुमरी गायिका पद्मश्री सोमा घोष दादरा, ठुमरी से समा बांधेंगी। यहां तीन शहीदों को भगीरथ शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा। सौ कुंतल से अधिक गेंदा, गुलाब, बेला के फूलों के वंदनवारों से महलों, घाटों, बजड़ों और मंचों को सजाने का काम रात तक अंतिम दौर में था।
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महोत्सव को यादगार बनाने के लिए आरती स्थल की मढ़ियों के अलावा घाटों को गेंदा की मालाओं से सजा दिया गया है। दशाश्वमेध और शीतला घाट पर 42-42 देव कन्याएं चंवर डुलाएंगी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बटुक गंगा की महाआरती करेंगे। अस्सी घाट, तुलसी घाट, हनुमान घाट, शिवाला घाट, राजा घाट, मान सरोवर घाट, अहिल्या बाई घाट, पांडेय घाट, केदार घाट, मान मंदिर घाट, ललिता घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट के अलावा राजघाट पर दीपोत्सव की छटा देखते बनेगी।