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डीएम की कार रोकी, टोल कर्मी हिरासत में
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:59 AM IST
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वाराणसी। एनएच-टू के डाफी टोल प्लाजा पर मंगलवार को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र की कार रोक दी गई। इस पर डीएम के साथ चल रहे पुलिस कर्मियों और टोल कर्मियों के बीच विवाद हो गया। डीएम की कार पास होने के बाद एक टोल कर्मचारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि इसकी जानकारी होते ही डीएम ने उसे छुड़वा दिया। टोल प्लाजा संचालित करने वाली कंपनी सोमा आइसोलेक्स के जनरल मैनेजर प्रियरंजन ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की है। घटना से संबंधित शिकायत पत्र और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी पोस्ट की है।
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र मंगलवार की दोपहर रामनगर से डाफी की ओर आ रहे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे वह डाफी टोल प्लाजा पहुंचे। डीएम का कहना है कि टोल प्लाजा पर करीब 10 मिनट तक उन्हें अनावश्यक रोके रखा गया। जिस वजह से ट्रैफिक जाम हो गया था। इस पर पुलिस कर्मियों ने जाम हटाने का प्रयास किया। टोल प्लाजा के किसी कर्मी को हिरासत में लेने का निर्देश नहीं दिया गया था। एक कर्मचारी को पुलिस हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली तो उसे तत्काल छुड़वा दिया गया।
उधर, प्लाजा संचालक कंपनी के मैनेजर प्रियरंजन के अनुसार 1:35 बजे के लगभग टोल प्लाजा के बैरियर पर डीएम की कार रुकी। डीएम के साथ वीआईपी जैसा सलूक करते हुए टोल कर्मी उनके वाहन को शुल्क मुक्त करने की कार्रवाई करने लगे। इस प्रक्रिया को पूरा होने में मुश्किल से एक मिनट कुछ सेकेंड का समय लगा होगा, जिस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। डीएम की नाराजगी देख उनके पीछे वाहन में चल रहे पुलिसकर्मी टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी आनंद सिंह को बिना किसी कसूर को अपने साथ ले गए और रोहनिया थाने में बंद करा दिया। प्रियरंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री वीआईपी कल्चर खत्म करने की अपील कर रहे हैं और अधिकारी इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं। इस मामले की शिकायत उन्होंने प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री कार्यालय को ट्वीट कर की है।
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जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र मंगलवार की दोपहर रामनगर से डाफी की ओर आ रहे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे वह डाफी टोल प्लाजा पहुंचे। डीएम का कहना है कि टोल प्लाजा पर करीब 10 मिनट तक उन्हें अनावश्यक रोके रखा गया। जिस वजह से ट्रैफिक जाम हो गया था। इस पर पुलिस कर्मियों ने जाम हटाने का प्रयास किया। टोल प्लाजा के किसी कर्मी को हिरासत में लेने का निर्देश नहीं दिया गया था। एक कर्मचारी को पुलिस हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली तो उसे तत्काल छुड़वा दिया गया।
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उधर, प्लाजा संचालक कंपनी के मैनेजर प्रियरंजन के अनुसार 1:35 बजे के लगभग टोल प्लाजा के बैरियर पर डीएम की कार रुकी। डीएम के साथ वीआईपी जैसा सलूक करते हुए टोल कर्मी उनके वाहन को शुल्क मुक्त करने की कार्रवाई करने लगे। इस प्रक्रिया को पूरा होने में मुश्किल से एक मिनट कुछ सेकेंड का समय लगा होगा, जिस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। डीएम की नाराजगी देख उनके पीछे वाहन में चल रहे पुलिसकर्मी टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी आनंद सिंह को बिना किसी कसूर को अपने साथ ले गए और रोहनिया थाने में बंद करा दिया। प्रियरंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री वीआईपी कल्चर खत्म करने की अपील कर रहे हैं और अधिकारी इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं। इस मामले की शिकायत उन्होंने प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री कार्यालय को ट्वीट कर की है।
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