वाराणसी: 9 कांग्रेस नेताओं को मिली जमानत, स्मृति ईरानी का काफिला रोकने और सरकार विरोधी नारे लगाने का आरोप
वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का काफिला रोककर पुलिसकर्मियों पर हमला करने, रास्ता रोकने, सरकार विरोधी नारा लगाने, कोरोना नियमों का पालन नहीं करने के आरोपी 9 कांग्रेस नेताओं की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने स्वीकार कर ली। अदालत ने आरोपी कांग्रेस नेताओं को 25-25 हजार के दो जमानतदार देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
आरोपियों के अधिवक्ता अनुज यादव और विकास सिंह की दलील थी कि आरोपियों को बनावटी तथ्यों के आधार पर आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। इनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, ऐसे में जमानत पर रिहा किए जाने का अनुरोध किया गया।
अभियोजन के अनुसार, इंस्पेक्टर कैंट राकेश सिंह की तरफ से दी गई तहरीर में कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी के नेता व कार्यकर्ता शनिवार को विकास भवन के आगे केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का काफिला रोककर प्रदर्शन करने लगे। केंद्रीय मंत्री उस दौरान किसान संवाद सम्मेलन में शामिल होने जा रही थीं।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मास्क भी नहीं पहना था और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का भी पालन नहीं किया। तहरीर के आधार पर युवा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मयंक चौबे, सचिव मनीष चौबे, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषभ पांडेय, प्रिंस राय, दिलीप सोनकर, रोहित चैरसिया, किशन यादव, विश्वनाथ कुंवर, कुंवर यादव और 15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।