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हड़ताल के आगे लाचार दिखा बीएचयू प्रशासन
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:48 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के आगे बीएचयू और जिला प्रशासन लाचार दिखा। छह दिन की हड़ताल में दूर दराज से आए हजारों मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। इसमें कईयों की जांच नहीं हो पाई तो कुछ के ऑपरेशन भी टालने पड़े। यहां तक कि इमरजेंसी में आने वालों को भी इलाज के लिए परेशान होना पड़ा।
यह कोई पहला मामला नहीं है, जब अस्पताल में डॉक्टरों और छात्रों से नोकझोंक-मारपीट हुई हो। इससे पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें जब भी जूनियर डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज हो जाता है तो वे हड़ताल कर देते हैं। मरीजों को वार्डों में न देखने, इमरजेंसी सेवा बाधित कर वह विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाते हैं। अभी इसी साल अप्रैल में चार से सात अप्रैल तक रेजिडेंट की हड़ताल हुई थी। तब भी हड़ताल खत्म कराने में चार दिन लग गए थे। इस बीच चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के प्रयास को सराहा।
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स्टैंडिंग कमेटी की जांच की कोई समय सीमा नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले में जांच के लिए जो स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया है, उसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। हालांकि घटना के अगले दिन से ही अस्पताल से लेकर अन्य जगहों पर घटी घटनाआें का सीसीटीवी फुटेज जुटाने के साथ ही जांच की कार्रवाई चल रही है।
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ये मानी गई मांगें
0 अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था त्रिसतरीय होगी।
0 धनवंतरि हॉस्टल और एलबीएस हॉस्टल के बीच रास्ते पर बैरीकेडिंग होगा
0 विश्वविद्यालय प्रशासन मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा
0 वार्डों में मरीजों से मिलने वालों के लिए पास व्यवस्था का सख्ती से पालन होगा
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यह कोई पहला मामला नहीं है, जब अस्पताल में डॉक्टरों और छात्रों से नोकझोंक-मारपीट हुई हो। इससे पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें जब भी जूनियर डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज हो जाता है तो वे हड़ताल कर देते हैं। मरीजों को वार्डों में न देखने, इमरजेंसी सेवा बाधित कर वह विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाते हैं। अभी इसी साल अप्रैल में चार से सात अप्रैल तक रेजिडेंट की हड़ताल हुई थी। तब भी हड़ताल खत्म कराने में चार दिन लग गए थे। इस बीच चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के प्रयास को सराहा।
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स्टैंडिंग कमेटी की जांच की कोई समय सीमा नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले में जांच के लिए जो स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया है, उसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। हालांकि घटना के अगले दिन से ही अस्पताल से लेकर अन्य जगहों पर घटी घटनाआें का सीसीटीवी फुटेज जुटाने के साथ ही जांच की कार्रवाई चल रही है।
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ये मानी गई मांगें
0 अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था त्रिसतरीय होगी।
0 धनवंतरि हॉस्टल और एलबीएस हॉस्टल के बीच रास्ते पर बैरीकेडिंग होगा
0 विश्वविद्यालय प्रशासन मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा
0 वार्डों में मरीजों से मिलने वालों के लिए पास व्यवस्था का सख्ती से पालन होगा