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स्ट्रीट लाइटों के नाम पर हुआ घोटाला
Updated Mon, 14 Aug 2017 01:47 AM IST
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वाराणसी। ग्राम प्रधान और सचिवों की मिलीभगत से कई गांवों में स्ट्रीट लाइटों के नाम पर घोटाला हुआ है। इसकी जांच चल रही है जल्द ही इस मामले में कई खुलासे का इंतजार है। ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग का पैसा सीधे आता है। दो लाख रुपये तक खर्च करने की छूट ग्राम प्रधान और सचिवों को होती है। इसी नियम कानून का फायदा ग्राम प्रधान और सचिवों ने उठाया है। इन पर जिला प्रशासन का शिकंजा जल्द ही कसने वाला है।
जिले में 760 ग्राम पंचायतें हैं। हर गांव में तकरीबन 50 स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। इन लाइटों की बाजार मूल्य तकरीबन 1500 से 2000 रुपये के बीच है जबकि एक एक स्ट्रीट लाइट के लिए 4000 से 4500 रुपये का भुगतान कराया गया है। जिले की कुल गांवों में तकरीबन 38000 स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इस हिसाब से तकरीबन सात से साढ़े सात करोड़ रुपये की कमाई हुई है। इस मामले में कई जगहों से पैरवी शुरू हो गई है। सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्या ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध है। छानबीन पूरी करके ही बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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जिले में 760 ग्राम पंचायतें हैं। हर गांव में तकरीबन 50 स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। इन लाइटों की बाजार मूल्य तकरीबन 1500 से 2000 रुपये के बीच है जबकि एक एक स्ट्रीट लाइट के लिए 4000 से 4500 रुपये का भुगतान कराया गया है। जिले की कुल गांवों में तकरीबन 38000 स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इस हिसाब से तकरीबन सात से साढ़े सात करोड़ रुपये की कमाई हुई है। इस मामले में कई जगहों से पैरवी शुरू हो गई है। सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्या ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध है। छानबीन पूरी करके ही बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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