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क्लब ने रजिस्ट्री और पट्टे के कागजात प्रशासन को सौंपे
Updated Fri, 21 Jul 2017 02:10 AM IST
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वाराणसी। सालों से गायब 1.33 एकड़ जमीन के पट्टे के मूल कागजात आखिरकार बनारस क्लब को मिल गए और क्लब ने उसे प्रशासन को सौंप दिया। मूल कागजात मिलने के बाद बनारस क्लब पर लटकी तलवार फिलहाल हट गई है। उसका एक बड़ा संकट टल गया है। बनारस क्लब से जुड़े मामले की जांच कर रहे एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय ने गुरुवार को बैठक बुलाई थी। इस अंतिम बैठक में क्लब को एक और मौका देते हुए मूल कागजात मांगे गए थे। क्लब के सचिव जयदीप सिंह 1.33 एकड़ जमीन के पट्टे और दो एकड़ जमीन के रजिस्ट्री से जुड़े मूल कागजात (डीड) सौंपी। गायब कागजात का अचानक से मिल जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
बनारस क्लब से जुड़े कागजात की जांच के लिए डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय की अध्यक्षता में एक समिति का गठन की है। क्लब की आर से अब तक उपलब्ध कराए गए सभी कागजात समिति के कब्जे में हैं। बैनामे और पट्टे के कागजात के संबंध में निबंधन कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई थी। प्राथमिक जांच के बाद निबंधन ने कागजात को सही बताया है। बताया गया है कि क्लब ने 27 जून, 1935 को वाराणसी के तत्कालीन कलेक्टर से दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई थी और इसी दिन 1.33 एकड़ जमीन का पट्टा कराया गया है। पट्टा संबंधी कागजात के मूल रिकार्ड अब तक नहीं मिला था। एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय ने बताया कि क्लब की ओर से रजिस्ट्री और बैनामे के कागजात सौंप दिए गए हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी।
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बनारस क्लब से जुड़े कागजात की जांच के लिए डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय की अध्यक्षता में एक समिति का गठन की है। क्लब की आर से अब तक उपलब्ध कराए गए सभी कागजात समिति के कब्जे में हैं। बैनामे और पट्टे के कागजात के संबंध में निबंधन कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई थी। प्राथमिक जांच के बाद निबंधन ने कागजात को सही बताया है। बताया गया है कि क्लब ने 27 जून, 1935 को वाराणसी के तत्कालीन कलेक्टर से दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई थी और इसी दिन 1.33 एकड़ जमीन का पट्टा कराया गया है। पट्टा संबंधी कागजात के मूल रिकार्ड अब तक नहीं मिला था। एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय ने बताया कि क्लब की ओर से रजिस्ट्री और बैनामे के कागजात सौंप दिए गए हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी।
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