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बारिश ने धोए नगर निगम के इंतजाम, सड़कें कीचड़ से सराबोर
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:59 AM IST
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वाराणसी। मानसून सक्रिय होने के बाद मंगलवार को ढाई घंटे की बारिश में नगर निगम के इंतजाम धुल गए। खोद कर जगह-जगह छोड़ी गई सड़कों की राह दुश्वारियों से भर गई। कीचड़ से सराबोर सड़कों पर लोग कहीं पैदल तो कहीं वाहनों से फिसल कर गिरने लगे। शहर वासियों की मुश्किलें बढ़ा गई। कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के चलते जगह-जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई ता,े वहीं औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें भी पानी में डूबी नजर आईं।
दोपहर में शुरू हुई बारिश के चलते सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गईं। दोपहिया वाहनों को लेकर कुछ इलाकों में गुजरना मुश्किल हो गया। ज्यादा दयनीय स्थिति उन क्षेत्रों की थी जहां विकास कार्य चल रहे हैं। कैंट और मंडुवाडीह में बन रहे फ्लाईओवर के आसपास इस कदर कीचड़ हो गया था कि कई लोग इसकी वजह से फिसल कर गिर गए। वहीं नगर निगम के पास पटरियों पर भी जल-जमाव दिखा। इंग्लिशिया लाइन चौराहे से कैंट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी जगह-जगह जलजमाव होने की वजह से आम जन को आने जाने में दिक्कत पैदा हो रही थी। अंधरापुल के समीप निर्माण कार्य के चलते सड़क की पटरियों पर जल एकत्रित हो गया था। बीएचयू में भी बारिश के चलते जगह-जगह जलजमाव की स्थिति रही। शहर में जिन क्षेत्रों में कूड़ा नहीं उठ पाया था वहां बारिश के चलते सड़कों पर फैल गया। आवाजाही में लोग परेशान होने लगे। साकेतनगर में भी जलभराव के लते लोगों को फजीहतें उठानी पड़ीं। कैंट रेलवे स्टेशन की कॉलोनियों में भी सड़कों पर जलभराव की स्थिति रही। प्रमुख मार्गों पर कम शहर केमुहल्लों और गलियों में जलजमाव और फिसलन की समस्या गंभीर रही।
सीवर-नालों की सफाई न होने से उद्यमी परेशान
वाराणसी। इंडस्ट्रियल एरिया चांदपुर में हल्की बारिश से ही स्थिति गंभीर हो गई। सड़कों पर पानी लग गया। उद्यमियों का कहना है कि कहीं जोर की बारिश हुई तो फिर से प्रोडक्शन ठप होने की स्थिति आ सकती है। डेढ़ महीने पहले उद्योग बंधु की बैठक हुई थी। तब सीवर-नाली को दुरुस्त और साफ कराने की बात हुई थी। एक दिन काम हुआ और फिर ठप हो गया इसको लेकर उद्यमियों, कर्मचारियों में जबरदस्त नाराजगी है।
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बारिश के साथ ही धंसने लगी सड़कें
वाराणसी। बारिश के साथ ही शहर की सड़कें धंसने लगी हैं। जिन इलाकों में खुदाई का काम हुआ था वहां पाटी गई सड़कों की मिट्टी दबने लगी हैं। इसके चलते छोटे और बड़े गड्ढे हो रहे हैं। चौकाघाट पुल के बाद बड़ा गड्ढा होने से वाहनों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसी प्रकार डीरेका के पास भी कई छोटे बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश में इनमें पानी भरने के कारण कई राहगीर चोटिल हो रहे हैं।
एक ओर योगी सरकार ने 15 जून तक गड्ढे भरवाने का आदेश दिया तो दूसरी ओर मानसून की पहली बारिश के साथ ही सड़कों पर नए गड्ढे बनने लगे हैं। सबसे अधिक खतरा उन इलाकों में है जहां विकास एवं निर्माण कार्य के नाम पर खुदाई की गई थी। गिट्टी और मिट्टी डालकर खोदी गई सड़कों को तो पाट दिया गया है लेकिन बारिश में मिटटी के दबने से गड्ढे बनने का खतरा मंडरा रहा है। इनमें अधिकतर अस्सी से राजघाट के बीच का इलाका है। इसके अलावा जहां फ्लाईओवर, आरओबी और पुल बनाए जा रहे हैं। वहां के आस पास की सर्विस रोड की खराब होने लगी हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके सिंह भदौरिया ने बताया कि जहां जहां पीडब्ल्यूडी की सड़कें धंसी हैं उनके गड्ढे भरे जाएंगे।
कई इलाकों की बिजली गुल
वाराणसी। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों की बत्ती मंगलवार को गुल हो गई। बिजली की आवाजाही से जनता को दिन भर परेशनियों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में विद्युत सुधार के नाम पर हुई कटौती के चलते लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। बिजली की आवाजाही रात को भी जारी रही।
बारिश के दौरान काली महाल, कचहरी, लंका, सिगरा, गोदौलिया, मंडुवाडीह, चेतगंज, चांदपुर, लहरतारा, औरंगाबाद, सोनिया आदि इलाकों में बिजली गुल रही। इन इलाकों में दिन भर बिजली की आवाजाही लगी रही। दोपहर और रात के समय कई चरणों में कटौती भी की गई। कटौती से परेशान जनता विभाग को कोसते नजर आए। उपकेंद्रों के अनुसार बारिश के समय तारों में स्पार्किंग होती है। इसके चलते कई बार तार टूट जाते हैं। इसे दुरुस्त कराने के लिए शट डाउन लेना पड़ता है। इसके चलते 10 से 15 मिनट के लिए ही आपूर्ति प्रभावित होती है। विद्युत सुधार के नाम पर कई उपकेंद्रों से बिजली कटौती की गई।
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दोपहर में शुरू हुई बारिश के चलते सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गईं। दोपहिया वाहनों को लेकर कुछ इलाकों में गुजरना मुश्किल हो गया। ज्यादा दयनीय स्थिति उन क्षेत्रों की थी जहां विकास कार्य चल रहे हैं। कैंट और मंडुवाडीह में बन रहे फ्लाईओवर के आसपास इस कदर कीचड़ हो गया था कि कई लोग इसकी वजह से फिसल कर गिर गए। वहीं नगर निगम के पास पटरियों पर भी जल-जमाव दिखा। इंग्लिशिया लाइन चौराहे से कैंट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी जगह-जगह जलजमाव होने की वजह से आम जन को आने जाने में दिक्कत पैदा हो रही थी। अंधरापुल के समीप निर्माण कार्य के चलते सड़क की पटरियों पर जल एकत्रित हो गया था। बीएचयू में भी बारिश के चलते जगह-जगह जलजमाव की स्थिति रही। शहर में जिन क्षेत्रों में कूड़ा नहीं उठ पाया था वहां बारिश के चलते सड़कों पर फैल गया। आवाजाही में लोग परेशान होने लगे। साकेतनगर में भी जलभराव के लते लोगों को फजीहतें उठानी पड़ीं। कैंट रेलवे स्टेशन की कॉलोनियों में भी सड़कों पर जलभराव की स्थिति रही। प्रमुख मार्गों पर कम शहर केमुहल्लों और गलियों में जलजमाव और फिसलन की समस्या गंभीर रही।
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सीवर-नालों की सफाई न होने से उद्यमी परेशान
वाराणसी। इंडस्ट्रियल एरिया चांदपुर में हल्की बारिश से ही स्थिति गंभीर हो गई। सड़कों पर पानी लग गया। उद्यमियों का कहना है कि कहीं जोर की बारिश हुई तो फिर से प्रोडक्शन ठप होने की स्थिति आ सकती है। डेढ़ महीने पहले उद्योग बंधु की बैठक हुई थी। तब सीवर-नाली को दुरुस्त और साफ कराने की बात हुई थी। एक दिन काम हुआ और फिर ठप हो गया इसको लेकर उद्यमियों, कर्मचारियों में जबरदस्त नाराजगी है।
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बारिश के साथ ही धंसने लगी सड़कें
वाराणसी। बारिश के साथ ही शहर की सड़कें धंसने लगी हैं। जिन इलाकों में खुदाई का काम हुआ था वहां पाटी गई सड़कों की मिट्टी दबने लगी हैं। इसके चलते छोटे और बड़े गड्ढे हो रहे हैं। चौकाघाट पुल के बाद बड़ा गड्ढा होने से वाहनों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसी प्रकार डीरेका के पास भी कई छोटे बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश में इनमें पानी भरने के कारण कई राहगीर चोटिल हो रहे हैं।
एक ओर योगी सरकार ने 15 जून तक गड्ढे भरवाने का आदेश दिया तो दूसरी ओर मानसून की पहली बारिश के साथ ही सड़कों पर नए गड्ढे बनने लगे हैं। सबसे अधिक खतरा उन इलाकों में है जहां विकास एवं निर्माण कार्य के नाम पर खुदाई की गई थी। गिट्टी और मिट्टी डालकर खोदी गई सड़कों को तो पाट दिया गया है लेकिन बारिश में मिटटी के दबने से गड्ढे बनने का खतरा मंडरा रहा है। इनमें अधिकतर अस्सी से राजघाट के बीच का इलाका है। इसके अलावा जहां फ्लाईओवर, आरओबी और पुल बनाए जा रहे हैं। वहां के आस पास की सर्विस रोड की खराब होने लगी हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके सिंह भदौरिया ने बताया कि जहां जहां पीडब्ल्यूडी की सड़कें धंसी हैं उनके गड्ढे भरे जाएंगे।
कई इलाकों की बिजली गुल
वाराणसी। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों की बत्ती मंगलवार को गुल हो गई। बिजली की आवाजाही से जनता को दिन भर परेशनियों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में विद्युत सुधार के नाम पर हुई कटौती के चलते लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। बिजली की आवाजाही रात को भी जारी रही।
बारिश के दौरान काली महाल, कचहरी, लंका, सिगरा, गोदौलिया, मंडुवाडीह, चेतगंज, चांदपुर, लहरतारा, औरंगाबाद, सोनिया आदि इलाकों में बिजली गुल रही। इन इलाकों में दिन भर बिजली की आवाजाही लगी रही। दोपहर और रात के समय कई चरणों में कटौती भी की गई। कटौती से परेशान जनता विभाग को कोसते नजर आए। उपकेंद्रों के अनुसार बारिश के समय तारों में स्पार्किंग होती है। इसके चलते कई बार तार टूट जाते हैं। इसे दुरुस्त कराने के लिए शट डाउन लेना पड़ता है। इसके चलते 10 से 15 मिनट के लिए ही आपूर्ति प्रभावित होती है। विद्युत सुधार के नाम पर कई उपकेंद्रों से बिजली कटौती की गई।