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जिले में महज 43 प्रतिशत गेहूं की हुई खरीद
Updated Tue, 13 Jun 2017 10:03 PM IST
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सोनभद्र। योगी सरकार के कड़े निर्देश के बावजूद जिले में लक्ष्य के सापेक्ष महज 43 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई है। दो दिनों में लक्ष्य के अनुसार गेहूं का खरीद होता नहीं दिख रहा। क्रय केंद्रों पर सुविधाएं न मिलने की वजह से सरकारी दर पर किसानों ने गेहूं बेचने में रूचि नहीं दिखाई। केंद्रों पर क्रय किए गए गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से भी गेहूं की खरीद प्रभावित हुआ।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 में 63000 हजार मीट्रिक टन गेहूं क्रय करने का लक्ष्य दिया है। गेहूं क्रय करने के लिए खाद विभाग के चार केंद्र, पीसीएफ के 29, कर्मचारी कल्या निगम के चार, खाद्य विभाग के दो, अडको के दो और एग्री कल्चर के एक क्रय केंद्र खोला गया है। प्रत्येक केंद्र पर दो इलेक्ट्रानिक कांटा भी लगे है। केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है जो 15 जून तक चलेगा। लेकिन 13 जून तक महज करीब 43 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो सकी है। गेहूं क्रय करने के लिए महज दो दिन और शेष बचा है। ऐसे में लक्ष्य के अनुसार लक्ष्य के अनुसार गेहूं का क्रय किया जाना संभव नहीं दिख रहा है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी ने अंशुमाली शंकर ने बताया कि अभी तक 6026 किसानों से 30805 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। कहा कि शासन से लक्ष्य बढ़ाकर मिलता है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों की तुलना मेें अबकी बार गेहूं की खरीद अधिक हुई है। उन्होंने बताया कि शत प्रतिशत किसानों का आरटीजेएस के माध्यम से सीधे उनके खाते में भुगतान कर दिया गया है। केंद्रों पर क्रय करके रखे गए गेहूं को भंडारण में सुरक्षित रखने का कार्य जारी है।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 में 63000 हजार मीट्रिक टन गेहूं क्रय करने का लक्ष्य दिया है। गेहूं क्रय करने के लिए खाद विभाग के चार केंद्र, पीसीएफ के 29, कर्मचारी कल्या निगम के चार, खाद्य विभाग के दो, अडको के दो और एग्री कल्चर के एक क्रय केंद्र खोला गया है। प्रत्येक केंद्र पर दो इलेक्ट्रानिक कांटा भी लगे है। केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है जो 15 जून तक चलेगा। लेकिन 13 जून तक महज करीब 43 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो सकी है। गेहूं क्रय करने के लिए महज दो दिन और शेष बचा है। ऐसे में लक्ष्य के अनुसार लक्ष्य के अनुसार गेहूं का क्रय किया जाना संभव नहीं दिख रहा है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी ने अंशुमाली शंकर ने बताया कि अभी तक 6026 किसानों से 30805 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। कहा कि शासन से लक्ष्य बढ़ाकर मिलता है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों की तुलना मेें अबकी बार गेहूं की खरीद अधिक हुई है। उन्होंने बताया कि शत प्रतिशत किसानों का आरटीजेएस के माध्यम से सीधे उनके खाते में भुगतान कर दिया गया है। केंद्रों पर क्रय करके रखे गए गेहूं को भंडारण में सुरक्षित रखने का कार्य जारी है।
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