बेमिसाल है छत्तीसगढ़ से सटा गांव बभनी, आदिवासी बहुल इस गांव के 75 प्रतिशत लोग हैं साक्षर
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सोनभद्र में छत्तीसगढ़ राज्य से सटे विकास खंड बभनी का बभनी गांव बेमिसाल है। आदिवासी बहुल होने के बावजूद इस गांव में 75 प्रतिशत लोग साक्षर हैं। आजादी के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस गाव के तमाम लोग मेहनत से पढ़ाई कर सरकारी विभागों महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
जनपद मुख्यालय से 120 किलोमीटर दूर 11 हजार 298 की आबादी वाले बभनी गांव में कई लोग स्वास्थ्य, पुलिस व अन्य विभागों में तैनात हैं और शिक्षक, बैंक, सब इंस्पेक्टर और पुलिस के अन्य पदों पर भर्ती होकर देश सेवा में योगदान कर रहे हैं। कुछ लोग शिक्षक भी हैं जो अध्यापन कर बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं। खास बात यह है कि खेती कर परिवार का भरण पोषण तो कर ही रहे हैं, बच्चों को पढ़ा लिखाकर आगे बढ़ाने की हर संभव कोशिश भी कर रहे हैं।
इसी गांव में ब्लाक कार्यालय, वन विभाग का रेंज आफिस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाल विकास परियोजना अधिकारी केअलावा भारतीय स्टेट बैंक व आर्यावर्त बैंक की शाखाएं भी हैं। इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि इस गांव की जिले में कितनी अहमियत होगी। इस गांव के दो सब इंस्पेक्टर, दो पुलिस के जवान, चार स्टाफ नर्स, 16 शिक्षक, एक पोस्टमास्टर, एक डाकिया, तीन इंजीनियर, बैंक मैनेजर के पद पर विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। सभी देश के विकास में अपना योगदान कर रहे हैं।
इनके अलावा दर्जनों लोग सफाईकर्मी केपद पर तैनात हैं। कुछ लोग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी हैं। गांव में विद्यालय होने से हर वर्ग के बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। आदिवासी बच्चे भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए आगे आ रहे हैं। खास बात यह है कि गांव में महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें स्वावलंबी बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। बभनी गांव शिक्षा की दृष्टि से शुरू से ही अपनी अलग पहचान कायम किए हुए है। इस गांव में एक राजकीय मान्यता प्राप्त इंटर कालेज, एक पूर्व माध्यमिक और 11 प्राथमिक विद्यालय हैं।
जहां गांव के बच्चे आसानी से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसीलिए इस गांव के 75 प्रतिशत लोग सा ्षर हो चुकेहैं। साक्षर होने का नतीजा है कि गांव विकास की ओर भीअग्रसर है। यहां विकास विभाग की तरफ से भी तमाम कार्य कराए गए हैं। इस ग्राम पंचायत के प्रधान राजनारायण का कार्यकाल अबकी दूसरी बार है। इससे पहले भी यही ग्राम प्रधान थे।
गांव के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत हैं। यहां के शत प्रतिशत लोग शिक्षित हों और उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपने गांव व देश का नाम रोशन करें, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। - राजनारायण, ग्राम प्रधान, बभनी।
यह गांव हमेशा से शिक्षा के लिए जाना जाता रहा है। साक्षरता की ही देन है कि यहां के लोग स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में लगे हुए हैं।
अयोध्या प्रसाद, ग्रामीण
यहां के लोग शिक्षा पर ज्यादा जोर देते हैं। यही कारण है कि इस गांव के लोग पढ़ाई कर शिक्षक, इंजीनियर, सब इंस्पेक्टर और बैंक मैनेजर के पद पर तैनात रहकर देश के विकास में योगदान कर रहे हैं।
मु. इकबाल, समाजसेवी
इस गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली के क्षेत्र में काफी विकास हुए हैं। गांव के बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए यहां डिग्री कॉलेज की आवश्यकता है।
जवाहर लाल योगी, समाजसेवी।
गांव की जनता सरल स्वभाव की है। सभी लोग चाहते हैं कि अपने बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण कराएं। इसके लिए लोग उत्साहित भी हैं। गांव में ऐसे भी लोग हैं जो शिक्षा के लिए समर्पित हैं। - सुरेश कुमार, समाजसेवी।