Lock down 2.0 :कोटा से बनारस पहुंचे 746 छात्र किये गए होम क्वारंटीन थर्मल स्क्रीनिंग, रैपिड टेस्ट के बाद हाथ पर मुहर लगाकर भेजा गया घर
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चल रहे लॉकडाउन में कोटा राजस्थान में फंसे 746 छात्र कुल 30 बसों से बनारस पहुंचे। 18 अप्रैल और 19 अप्रैल को अलग-अलग बसों से बनारस आए छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें घर भेजा गया। साथ ही होम क्वारंटीन रहने के फार्म भी भरवाए गए। हाथ पर होम क्वारंटीन की मुहर लगाने के बाद उन्हें घर भेजा गया।
कोटा में रहकर कोचिंग करने वाले सभी छात्रों को काशी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी मिर्जामुराद में उतार कर जांच की गई। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि 11 बसों से वाराणसी के 276 और 19 बसों से अन्य जनपदों के 473 छात्र आए हैं।
इसमें अन्य जनपदों में गाजीपुर में 9, जौनपुर में चार, चंदौली के चार, मिर्जापुर-भदोही में एक बस से छात्र अपने घर पहुंचे। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी को डॉक्टरों ने घर पर रहने की सलाह दी है, जिससे कि उन्हें किसी तरह का कोई संक्रमण का खतरा न रहे।
हॉस्टल वाले घर जाने का बनाते थे दबाव
राजस्थान कोटा से आने वाले छात्र छात्राओं ने आपबीती बया करते हुए बताया कि राजस्थान सरकार के दबाव में कोटा के सभी हॉस्टल व रूम मालिक हम लोगों को अपने-अपने घरों को जाने के लिए बार-बार मजबूर कर रहे थे। इसकी सूचना हम लोगों ने अभिभावकों को भी दी। साथ ही सरकार से भी घर भिजवाने की गुहार लगाई गई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया। बताया कि कोटा में स्क्रीनिंग के बाद एक चाय व एक पैकेट चिप्स दिया। इसके बाद दूसरी स्क्रीनिंग झांसी में हुई ।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बस यही था कि कितनी जल्दी घर आ जाये। सरकार का शुक्र है कि बसों से हमें घर तक पहुंचाया गया।
स्वतंत्र, अजगरा
लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही हमें घर जाने के लिए बार-बार दबाव बनाया जा रहा था। अब घर पहुंचने के बाद बड़ी राहत महसूस हुई।
अनिकेत, मोढैला
राजस्थान में रहने के बाद भी केवल घर की ही चिंता थी, कि जितना जल्दी हो घर पहुंच जाएं। सरकार के प्रयास से यह संभव हुआ।
सृष्टि, लंका
यूपी सरकार के प्रयास से ही हम सब अपने घर आ पाए हैं। अब किसी तरह की कोई चिंता नहीं है।
निकिता, जगतपुर