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मेरा बेटा आ रहा होगा स्कूल से, देखो कहां पहुंचा...
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ामनगर। इकलौते मासूम बेटे अनुज की नृशंस तरीके से हत्या के बाद पिता विवेक सिंह और मां प्रीति सिंह की हालत बेसुधों जैसी थी। प्रीति बार-बार यही कहते हुए बेसुध हो जा रही थी कि मेरा लाल स्कूल से आ रहा होगा... देखो कहां पहुंचा... वैन आ गई होगी... दरवाजे पर खड़ा होगा... कोई देखो उसे...। प्रीति का हाल देख उसे ढांढस बंधा रहा मुहल्ले की महिलाओं की हिम्मत जवाब दे जा रही थी। वहीं, घर का माहौल गमगीन देख अनुज की छोटी बहन पंखुड़ी सहमी हुई थी।
उधर, मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अनुज के पिता विवेक के पट्टीदारों ने ही प्रहलाद के पिता जयनंदन को बिहार से लाकर 40 साल पहले रामनगर में बसाया था और काम दिलाया था। विवेक के घर के पास ही कुर्सी आदि रख कर नाई का काम करता था। बदले की आग में जल रहा प्रहलाद इस तरह से क्रूरता करेगा, ऐसा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। मासूम की हत्या के बाद मधुकर के घर के साथ ही मोहल्ले के कई घरों में शाम के समय चूल्हे नहीं जले।
मासूम अनुज की हत्या के बाद मंशा देवी मंदिर क्षेत्र की दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए थे। लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि मासूम बच्चे की सरेराह हत्या कर दी गई है। वहीं, नगर पालिका परिषद रामनगर बोर्ड की प्रस्तावित बैठक शोक सभा करने के बाद स्थगित कर दी गई।
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रामनगर थाने की हवालात में बैठा प्रहलाद विक्षिप्तों जैसा बर्ताव कर रहा था। कभी वह पुलिस से कह रहा था कि अनुज के पिता विवेक सिंह ने उसके पिता जयनंदन की एक माह पहले पिटाई की थी। इस बात को लेकर थाने में पंचायत भी हुई थी। वह पिता की बेइज्जती का बदला लेना चाहता था और मौका देख अनुज पर हमला किया। कभी वह कह रहा था कि उसने विवेक को वर्षों पहले पैसा दिया था और वह लौटा नहीं रहे थे। बेइज्जती अलग से करते थे। इस वजह से उसने हत्या की। कभी वह कह रहा था कि जहां वह रहता है वह जगह विवेक खाली कराना चाहता था। प्रहलाद के बार-बार बदलते बयान के कारण पुलिस भी उलझी दिखी।
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उधर, मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अनुज के पिता विवेक के पट्टीदारों ने ही प्रहलाद के पिता जयनंदन को बिहार से लाकर 40 साल पहले रामनगर में बसाया था और काम दिलाया था। विवेक के घर के पास ही कुर्सी आदि रख कर नाई का काम करता था। बदले की आग में जल रहा प्रहलाद इस तरह से क्रूरता करेगा, ऐसा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। मासूम की हत्या के बाद मधुकर के घर के साथ ही मोहल्ले के कई घरों में शाम के समय चूल्हे नहीं जले।
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मासूम अनुज की हत्या के बाद मंशा देवी मंदिर क्षेत्र की दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए थे। लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि मासूम बच्चे की सरेराह हत्या कर दी गई है। वहीं, नगर पालिका परिषद रामनगर बोर्ड की प्रस्तावित बैठक शोक सभा करने के बाद स्थगित कर दी गई।
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रामनगर थाने की हवालात में बैठा प्रहलाद विक्षिप्तों जैसा बर्ताव कर रहा था। कभी वह पुलिस से कह रहा था कि अनुज के पिता विवेक सिंह ने उसके पिता जयनंदन की एक माह पहले पिटाई की थी। इस बात को लेकर थाने में पंचायत भी हुई थी। वह पिता की बेइज्जती का बदला लेना चाहता था और मौका देख अनुज पर हमला किया। कभी वह कह रहा था कि उसने विवेक को वर्षों पहले पैसा दिया था और वह लौटा नहीं रहे थे। बेइज्जती अलग से करते थे। इस वजह से उसने हत्या की। कभी वह कह रहा था कि जहां वह रहता है वह जगह विवेक खाली कराना चाहता था। प्रहलाद के बार-बार बदलते बयान के कारण पुलिस भी उलझी दिखी।