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एम्स सुविधा पर नीति आयोग ने मांगी डीपीआर
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वाराणसी। बीएचयू आईएमएस में एम्स जैसी सुविधा दिए जाने पर नीति आयोग ने बीएचयू प्रशासन से चार साल का डीपीआर मांगा है। इसमें हर साल कितने विभाग खुलेंगे, जांच के उपकरण, फैकल्टी आदि का पूरा ब्योरा देना होगा। 18 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक के बाद शनिवार को निदेशक प्रो. वीके शुक्ला और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पहले फेज में 616 करोड़ का डीपीआर बनाकर दिया गया है। दस फरवरी को सुपर स्पेशियेलिटी सेंटर का उद्घाटन होने के बाद यहां ओपीडी सेवा शुरू हो जाएगी।
सर सुंदरलाल अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि पहले फेज की डीपीआर में अस्पताल के साथ ट्रामा सेंटर में सुविधाएं बढ़ाने का जिक्र है। चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया भी चल रही है। इसके अलावा एम्स के समान ही चिकित्सा विज्ञान संस्थान में शिक्षण और शोध की योजना बनाई जा रही है। यहां सर सुंदरलाल अस्पताल से रेफर मरीजों को देखा जाएगा। यहां 40 बेड का आईसीयू भी बन रहा है।
उन्होंने बताया कि नीति आयोग को जल्द ही डीपीआर भेज दिया जाएगा। इसमें नए विभाग खुलने, डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, जांच, उपकरण, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर आदि सुविधाएं शामिल की जाएंगी। काम बीएचयू के ही निर्देशन में होंगे। नीति आयोग की 29 जनवरी को होने वाली बैठक में डीपीआर पर चर्चा होगी।
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चिकित्सा अधीक्षक की होगी तैनाती
सर सुंदरलाल अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर स्थायी नियुक्ति अखिल भारतीय रक्षा चिकित्सा सेवा से प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनाती होगी। कुलपति और रेक्टर की स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय की ओर से रक्षा चिकित्सा सेवा को पत्र भी भेजा जा चुका है।
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सर सुंदरलाल अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि पहले फेज की डीपीआर में अस्पताल के साथ ट्रामा सेंटर में सुविधाएं बढ़ाने का जिक्र है। चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया भी चल रही है। इसके अलावा एम्स के समान ही चिकित्सा विज्ञान संस्थान में शिक्षण और शोध की योजना बनाई जा रही है। यहां सर सुंदरलाल अस्पताल से रेफर मरीजों को देखा जाएगा। यहां 40 बेड का आईसीयू भी बन रहा है।
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उन्होंने बताया कि नीति आयोग को जल्द ही डीपीआर भेज दिया जाएगा। इसमें नए विभाग खुलने, डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, जांच, उपकरण, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर आदि सुविधाएं शामिल की जाएंगी। काम बीएचयू के ही निर्देशन में होंगे। नीति आयोग की 29 जनवरी को होने वाली बैठक में डीपीआर पर चर्चा होगी।
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चिकित्सा अधीक्षक की होगी तैनाती
सर सुंदरलाल अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर स्थायी नियुक्ति अखिल भारतीय रक्षा चिकित्सा सेवा से प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनाती होगी। कुलपति और रेक्टर की स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय की ओर से रक्षा चिकित्सा सेवा को पत्र भी भेजा जा चुका है।