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संत सानंद को दीपदान से गंगा प्रेमियों ने दी श्रद्धांजलि
Updated Sat, 13 Oct 2018 01:52 AM IST
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वाराणसी। गंगा पुत्र कहे जाने वाले स्वामी सानंद को दीपदान कर गंगा प्रेमियों ने श्रद्धांजलि दी।
केदारघाट स्थित श्री विद्या मठ में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने कहा कि गंगा भक्तों को स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन का भी मौका नहीं दिया जा रहा। यह परम्परा है कि एक सामान्य व्यक्ति का शरीर जब भी पूरा होता है तो उसे गंगा जल से स्नान कराया जाता है, पर आश्चर्य है कि गंगा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सानंद जी के शरीर को गंगाजल का स्पर्श भी नहीं मिल रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित सिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने कहा कि एक योग्य शिष्य के चले जाने पर गुरु को जो दुख होता है वह आज स्वामीश्री को देखकर साफ दिख रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत मयंक शेखर मिश्र के मंगलाचरण से हुई। संचालन केन्द्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष वागीशदत्त मिश्र ने किया ।
अस्सी घाट पर सायंकाल युवा कांग्रेस द्वारा 111 दीप गंगा में प्रवाहित कर स्वामी सानंद को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व विधायक अजय राय ने कहा की आईआईटी के प्रोफेसर व विद्वान संत व गंगा पुत्र स्वामी सानंद का निधन दु:खद है। इस मौके पर राघवेंद्र चौबे, प्रजानाथ शर्मा, चंचल शर्मा, ओमशंकर शुक्ला, दुर्गाप्रसाद गुप्ता, मीरा तिवारी, रोहित दुबे सहित कई लोग उपस्थित रहे। नमामि गंगे द्वारा मणिकर्णिका घाट पर स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं गंगा सेवा निधि की ओर से भी दशाश्वमेध घाट पर स्वामी जी को श्रद्धांजलि दी गई।
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केदारघाट स्थित श्री विद्या मठ में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने कहा कि गंगा भक्तों को स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन का भी मौका नहीं दिया जा रहा। यह परम्परा है कि एक सामान्य व्यक्ति का शरीर जब भी पूरा होता है तो उसे गंगा जल से स्नान कराया जाता है, पर आश्चर्य है कि गंगा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सानंद जी के शरीर को गंगाजल का स्पर्श भी नहीं मिल रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित सिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने कहा कि एक योग्य शिष्य के चले जाने पर गुरु को जो दुख होता है वह आज स्वामीश्री को देखकर साफ दिख रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत मयंक शेखर मिश्र के मंगलाचरण से हुई। संचालन केन्द्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष वागीशदत्त मिश्र ने किया ।
अस्सी घाट पर सायंकाल युवा कांग्रेस द्वारा 111 दीप गंगा में प्रवाहित कर स्वामी सानंद को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व विधायक अजय राय ने कहा की आईआईटी के प्रोफेसर व विद्वान संत व गंगा पुत्र स्वामी सानंद का निधन दु:खद है। इस मौके पर राघवेंद्र चौबे, प्रजानाथ शर्मा, चंचल शर्मा, ओमशंकर शुक्ला, दुर्गाप्रसाद गुप्ता, मीरा तिवारी, रोहित दुबे सहित कई लोग उपस्थित रहे। नमामि गंगे द्वारा मणिकर्णिका घाट पर स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं गंगा सेवा निधि की ओर से भी दशाश्वमेध घाट पर स्वामी जी को श्रद्धांजलि दी गई।
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