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इंसानियत के पैगाम को आगे बढ़ाना जरूरी
Updated Mon, 07 May 2018 01:12 AM IST
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भदोही। मौलाना कलीम अशरफ नोमानी ने कहा कि नबी ने पूरी दुनियां में इंसानियत का पैगाम दिया। आज उसी पैगाम को हम लोगों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। नबी के उम्मत से मोहब्बत करने का मतलब नबी से मोहब्बत करना है। तुम्हारे दिलों में नबी और नबी के उम्मत के लिए मोहब्बत नहीं है तो तुम मोमिन नहीं हो सशकते। वह शनिवार की रात मलिकाना मोहल्ले में अहले बैत कांफ्रेंस को खिताब कर रहे थे।
मौलाना ने कहा नबी के दामन से खुद को अलग मत करो। पूरी दुनिया में मुसलमानो की हालत बदतर होती जा रही है। इसकी वजह हजरत मोहम्मद के बताए रास्ते से दूर होना है। जिल्लत से बचना है तो घरों में इस्लामी माहौल कायम करो। नमाज पढ़ो, नबी की राह अपनाओ। रहमदिन बन जाओ। कोई भूखा है और तुम्हें लगता है अल्लाह ने तुम्हे नवाजा है तो उसे भरपूर खिलाओ। अपने बच्चों को इस्लामी तालीम दो।
हजरत अल्लामा मौ.शहादत हुसैन ने भी औलिया-ए-कराम से निस्बत और नबी की सिरते तैयबा को अपनाने की बात पर जोर दिया। मौलाना ने कहा अपने बच्चों को सबसे पहले दीन की तालीमात से रौशन करो उसके बाद दुनियावी तालीम दो। उनके हांथ में कलम की ताकत ही तुम्हारे बिगड़े हालात को संवार सकती है। सदारत मौ. फैसल अशर्फी ने और निजामत कारी मो.आलम जेयाई ने किया। शायरे इस्लाम जियाउर्रसूल, शायर इस्लाम नेजामी व आजम इकबाल ने नाते पाक पेश किया। अब्दुस्समद जेयाई, हाफिज फहद, हाफिज अराफात हुसैन,शमशाद मिस्बाही, गुलाम रब्बानी, आफताब हबीबी मौजूद रहे जबकि सर्फुद्दीन खां, दानिश सिद्दीकी, मुजीब खां,शेरू खां, मोना खां, साकिब खां, फरीद बेग, जुगनू खां, जुबैर खां लोगों को शुक्रिया अदा किया।
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मौलाना ने कहा नबी के दामन से खुद को अलग मत करो। पूरी दुनिया में मुसलमानो की हालत बदतर होती जा रही है। इसकी वजह हजरत मोहम्मद के बताए रास्ते से दूर होना है। जिल्लत से बचना है तो घरों में इस्लामी माहौल कायम करो। नमाज पढ़ो, नबी की राह अपनाओ। रहमदिन बन जाओ। कोई भूखा है और तुम्हें लगता है अल्लाह ने तुम्हे नवाजा है तो उसे भरपूर खिलाओ। अपने बच्चों को इस्लामी तालीम दो।
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हजरत अल्लामा मौ.शहादत हुसैन ने भी औलिया-ए-कराम से निस्बत और नबी की सिरते तैयबा को अपनाने की बात पर जोर दिया। मौलाना ने कहा अपने बच्चों को सबसे पहले दीन की तालीमात से रौशन करो उसके बाद दुनियावी तालीम दो। उनके हांथ में कलम की ताकत ही तुम्हारे बिगड़े हालात को संवार सकती है। सदारत मौ. फैसल अशर्फी ने और निजामत कारी मो.आलम जेयाई ने किया। शायरे इस्लाम जियाउर्रसूल, शायर इस्लाम नेजामी व आजम इकबाल ने नाते पाक पेश किया। अब्दुस्समद जेयाई, हाफिज फहद, हाफिज अराफात हुसैन,शमशाद मिस्बाही, गुलाम रब्बानी, आफताब हबीबी मौजूद रहे जबकि सर्फुद्दीन खां, दानिश सिद्दीकी, मुजीब खां,शेरू खां, मोना खां, साकिब खां, फरीद बेग, जुगनू खां, जुबैर खां लोगों को शुक्रिया अदा किया।
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