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एक्सपो मार्ट बनने से उद्यमियों में जगी आस
Updated Sat, 05 May 2018 01:08 AM IST
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भदोही। देश के कालीन निर्यात में भदोही प्रमुख अंशदाता होते हुए भी यहां कारपेट एक्सपो के आयोजन नहीं होते। इसको देखते हुए सपा के शासन में एक्सपो मार्ट की आधारशिला रखी गई थी। अब 200 करोड़ की लागत से एक्सपो मार्ट बनकर तैयार है और निकट भविष्य में यहां कारपेट फेयर के आयोजन होने लगेंगे। इसके बनने से जिले के कालीन उद्यमियों और निर्यातकों में खुशी का माहौल है।
देश के 10 हजार करोड़ के कालीन निर्यात में भदोही की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके बाद भी भदोही के उद्यमी अपनी उपेक्षा की शिकायतें करते रहे हैं। उनकी शिकायतें काफी हद तक जायज भी हैं, क्योंकि वर्तमान में देश में होने वाले दो इंडिया कारपेट एक्सपो में से एक वाराणसी में और दूसरा नई दिल्ली में होता है। कहा जाता है कि भदोही में आयातकों के ठहरने, खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था नहीं हैं, जिससे उन्हें यहां लाने में कठिनाई होगी। इस बात पर गंभीरता दिखाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां कारपेट एक्सपो मार्ट निर्माण के लिए 200 करोड़ की योजना मंजूर की थी। अब एक्सपो मार्ट आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है।
नगर के प्रमुख कालीन निर्यातक और एकमा के पूर्व कोषाध्यक्ष शमीम अंसारी ने कहा कि भदोही के लिए विकास के लिए यह बड़ा प्रयास है। विश्व स्तरीय मार्ट बन जाने के बाद ऐसा कोई कारण नहीं कि यहां आयातक न आएं। भदोही में एक्सपो आयोजन से निश्चित रूप से मझोले और छोटे कालीन उत्पादकों को फायदा होगा। कालीन निर्यातक जयप्रकाश गुप्ता मानते हैं कि अब यहां कारपेट एक्सपो का आयोजन होना चाहिए। इसका सीधा लाभ यहां के निर्यातकों को मिलेगा। आयातकों के आवागमन से यहां का कालीन उद्योग ही नहीं बल्कि होटल उद्योग भी बढ़ेगा।
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देश के 10 हजार करोड़ के कालीन निर्यात में भदोही की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके बाद भी भदोही के उद्यमी अपनी उपेक्षा की शिकायतें करते रहे हैं। उनकी शिकायतें काफी हद तक जायज भी हैं, क्योंकि वर्तमान में देश में होने वाले दो इंडिया कारपेट एक्सपो में से एक वाराणसी में और दूसरा नई दिल्ली में होता है। कहा जाता है कि भदोही में आयातकों के ठहरने, खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था नहीं हैं, जिससे उन्हें यहां लाने में कठिनाई होगी। इस बात पर गंभीरता दिखाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां कारपेट एक्सपो मार्ट निर्माण के लिए 200 करोड़ की योजना मंजूर की थी। अब एक्सपो मार्ट आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है।
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नगर के प्रमुख कालीन निर्यातक और एकमा के पूर्व कोषाध्यक्ष शमीम अंसारी ने कहा कि भदोही के लिए विकास के लिए यह बड़ा प्रयास है। विश्व स्तरीय मार्ट बन जाने के बाद ऐसा कोई कारण नहीं कि यहां आयातक न आएं। भदोही में एक्सपो आयोजन से निश्चित रूप से मझोले और छोटे कालीन उत्पादकों को फायदा होगा। कालीन निर्यातक जयप्रकाश गुप्ता मानते हैं कि अब यहां कारपेट एक्सपो का आयोजन होना चाहिए। इसका सीधा लाभ यहां के निर्यातकों को मिलेगा। आयातकों के आवागमन से यहां का कालीन उद्योग ही नहीं बल्कि होटल उद्योग भी बढ़ेगा।
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