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गाय, गंगा, गांव और बाबा विश्वनाथ पर होगा विशेष मंथन
Updated Fri, 16 Feb 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। संघ पदाधिकारी पांच दिवसीय समागम में गाय, गंगा और गांव के अलावा बाबा विश्वनाथ पर भी विशेष मंथन करेंगे। संघ के एजेंडे में अयोध्या, काशी और मथुरा पहले से हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए संघ प्रमुख के आगमन से एक दिन पूर्व अयोध्या से निकली रामराज्य रथयात्रा काशी पहुंची थी। दरअसल, 2104 के लोकसभा चुनाव में जिस प्रकार से काशी को केंद्र में रखकर सरकार बनी थी, उसी तरह से इस बार भी काशी को केंद्र में रखा जाएगा। अयोध्या के बाद संघ का प्रमुख केंद्र बिंदु काशी है।
गुरुवार को दोपहर बाद तीन बजे जब संघ प्रमुख काशी पहुंची उससे पहले रथयात्रा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची थी। काशी का गंगाजल भी रथयात्रा के साथ गया है, जो रामेश्वरम में भगवान शिव को चढ़ाया जाएगा। गोमाता को कत्लखानों में जाने से बचाने और इन्हें कृषि से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को सुझाव दिए जाएंगे। गंगा निर्मलीकरण के लिए वृहद कार्ययोजना बनाने के अलावा बाबा विश्वनाथ की सुंदरीकरण की योजनाओं पर भी विशेष मंथन होगा। काशी की पांडित्य और शास्त्रार्थ परंपरा को बढ़ावा देने के लिए संघ प्रमुख के 17 फरवरी को अस्सी घाट पर हो रहे शास्त्रार्थ में भाग लेने की योजना बनाई गई है। संघ का मानना है कि गांव का विकास किए बगैर शहरों का विकास नहीं होगा। गांवों के विकास के लिए कुछ बिंदु तैयार किए जाएंगे।
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गुरुवार को दोपहर बाद तीन बजे जब संघ प्रमुख काशी पहुंची उससे पहले रथयात्रा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची थी। काशी का गंगाजल भी रथयात्रा के साथ गया है, जो रामेश्वरम में भगवान शिव को चढ़ाया जाएगा। गोमाता को कत्लखानों में जाने से बचाने और इन्हें कृषि से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को सुझाव दिए जाएंगे। गंगा निर्मलीकरण के लिए वृहद कार्ययोजना बनाने के अलावा बाबा विश्वनाथ की सुंदरीकरण की योजनाओं पर भी विशेष मंथन होगा। काशी की पांडित्य और शास्त्रार्थ परंपरा को बढ़ावा देने के लिए संघ प्रमुख के 17 फरवरी को अस्सी घाट पर हो रहे शास्त्रार्थ में भाग लेने की योजना बनाई गई है। संघ का मानना है कि गांव का विकास किए बगैर शहरों का विकास नहीं होगा। गांवों के विकास के लिए कुछ बिंदु तैयार किए जाएंगे।
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