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मूल्य निर्धारित कर ऑनलाइन प्रक्रिया को बनाना होगा आसान
Updated Sat, 03 Feb 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज बुलानाला में वाणिज्य संकाय की ओर से जीएसटी पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि काशी विद्यापीठ के वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. केएस जायसवाल ने बताया कि पहले वस्तु और सेवा के लिए अलग अलग टैक्स थे। इसे मिलाकर जीएसटी का नाम दे दिया गया है। अप्रत्यक्ष टैक्स को ही जीएसटी में शामिल किया गया है। अब जरूरी ये है कि जीएसटी पर जागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं। रेट फिक्स कर ऑनलाइन प्रक्रिया को आसान बनाना होगा तभी यह सफल होगा।
एडिशनल कमिश्नर कमलेश प्रकाश ने बताया कि टैक्स तीन तरह के हैं। एसजीएसटी, सीजीएसटी और इंटीग्रेटेड जीएसटी। कहा कि दरअसल बिजनेस सिस्टम में बदलाव नहीं किया गया सिर्फ एकाउंटिंग सिस्टम को बदला गया है। सीए जीडी दूबे व बृजेश जायसवाल ने भी जीएसटी की बारीकियों से छात्राओं को अवगत कराया। स्वागत प्राचार्या डॉ. कुमकुम मालवीय व प्रबंधक प्रबंधक अनिल कुमार जैन ने किया। संचालन श्वेता सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वंदना उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर डॉ. ऋषि केशरी, डॉ.नूतन पांडेय, डॉ. निलिमा शाह, डॉ. आकाश, डॉ. सुनील मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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एडिशनल कमिश्नर कमलेश प्रकाश ने बताया कि टैक्स तीन तरह के हैं। एसजीएसटी, सीजीएसटी और इंटीग्रेटेड जीएसटी। कहा कि दरअसल बिजनेस सिस्टम में बदलाव नहीं किया गया सिर्फ एकाउंटिंग सिस्टम को बदला गया है। सीए जीडी दूबे व बृजेश जायसवाल ने भी जीएसटी की बारीकियों से छात्राओं को अवगत कराया। स्वागत प्राचार्या डॉ. कुमकुम मालवीय व प्रबंधक प्रबंधक अनिल कुमार जैन ने किया। संचालन श्वेता सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वंदना उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर डॉ. ऋषि केशरी, डॉ.नूतन पांडेय, डॉ. निलिमा शाह, डॉ. आकाश, डॉ. सुनील मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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