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चंद्र को अर्घ्य के साथ विघभनहर्ता से मांगा आशीष

Sat, 06 Jan 2018 01:49 AM IST
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:49 AM IST
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चंद्र को अर्घ्य के साथ विघभनहर्ता से मांगा आशीष
वाराणसी। संकष्टी गणेश चतुर्थी पर शुक्रवार को शिव की नगरी काशी के गणपति मंदिरों में सुबह से ही दर्शनार्थियों का रेला उमड़ पड़ा। संतान की दीर्घायु की कामना से महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा। रात 9 ़03 बजे चंद्रोदय के साथ ही चंद्रमा के दर्शन के उपरांत व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया। वहीं दूसरी तरफ काशी में छप्पन विनायकों के दरबारों में झांकियां सजाई गई। भगवान गणेश के दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। सबसे ज्यादा गणेश भक्तों का हुजूम शहर के लोहटिया स्थित अति प्राचीन बड़ा गणेश मंदिर में उमड़ा।
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शुक्रवार को सुबह महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर गणेश चतुर्थी का व्रत आरंभ किया। चंद्रदर्शन के साथ ही संकष्ठी गणेश चतुर्थी व्रत कथा और पूजन संपन्न हुआ। पूजा में काली तिल और गुड़ समेत फलों का भोग भगवान गणेश का अर्पित किया गया। चंद्रोदय के समय चंद्रमा और संकटहरण गणेश को तिल, गुड़ के साथ महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु के लिए गंगाजल से अर्घ्य दिया। निर्जला व्रत के साथ ही महिलाओं ने पुत्रों की दीर्घायु के लिए भगवान गणपित से प्रार्थना की। साथ ही गुड़- तिल का प्रसाद वितरित किया गया।
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सजाए गए मंदिर
लोहटिया स्थित अति प्राचीन बड़ा गणेश मंदिर में हजारों गणेश भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। माना जाता है कि अपने आप में पूरे देश में यह अनूठा मंदिर है, जहा विघ्नहर्ता अपने विशाल त्रिनेत्रधारी रूप में विराजमान हैं। लोहटिया के बड़ा गणेश, सोनारपुरा में चिंतामणि गणेश और दुर्गाकुंड में दुर्ग विनायक के दरबारों में झांकियां सजाई गई। फूलों के वंदनवारों के साथ ही दुर्वा के हारों से गणपति के गर्भगृह से लेकर परिक्रमा पथ तक को सजाया जाएगा। बड़ा गणेश मंदिर के पुजारी पंडित आशु ने बताया कि शिवपुराण के अनुसार, पार्वती-पुत्र गणेशजी की उत्पत्ति उमा की देह में लगे उबटन से हुई थी। जबकि ब्रह्मवैवर्तपुराण के कथनानुसार, माता पार्वती को गणेशजी पुत्र के रूप में पुण्यक-व्रत के फलस्वरूप प्राप्त हुए थे। जो भी हो, लेकिन पौराणिक ग्रंथ गणपति को प्रणव-स्वरूप बताते हैं। अर्थात शिव-पार्वती का पुत्र बनने से पूर्व श्रीगणेश निराकार प्रणव के रूप में थे। शंकर के पुत्र के रूप में उनका गजमुख साकार हुआ।
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