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जिंदगी का आनंद उठाने की दी सीख
Updated Thu, 30 Nov 2017 02:18 AM IST
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बनारस थिएटर क्लब की ओर से डॉ. शकुंतला शुक्ल को श्रद्धांजलि प्रस्तुत करने के क्रम में तीन दिवसीय रंग शाकुंतलम का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे दिन रूपवाणी स्टूडियो थिएटर में पहली प्रस्तुति रीता प्रकाश का उन्हीं द्वारा लिखित अभिनीत और निर्देशित एकल ‘नीड़ अपना-अपना’ तथा दूसरी प्रस्तुति उमेश भाटिया व गुंजन शुक्ला द्वारा रचित दि आंट एंड दि ग्रासहॉपर (बनारसी अंदाज में) में पेश किया गया।
दि एंड एंड दि ग्रासहॉपर, विलियम सॉमरसेट मॉम द्वारा लिखित निबंध है। जिसका नाट्य रूपांतरण और निर्देशन उमेश भाटिया ने किया है। इसकी मूल भाषा बनारसी बोली काशिका है। इसमें बनारस के पान से लेकर भौकाल तक दर्शकों को स्वाद मिला। नाटक में दिखाया गया है कि जो भी आगे निकलने को तत्पर है और मेहनती है, उसे समाज स्वीकार करता है जबकि जो थोड़ा जीवन का आनंद लेना चाहता है उसको समाज स्वीकार नहीं करता। बड़ा भाई जॉर्ज रामसे मेहनत करता है जबकि छोटा भाई टॉम रामसे जिंदगी पूरी शिद्दत से जीता है। व्यंग्यात्मक शैली में इस नाटक का क्लाइमेक्स अंत में इस संदेश पर पहुंचता है कि जीवन के हर पल का मजा लेना चाहिए।
समारोह का उद्घाटन करते हुए कवि-कथाकार ज्ञानेंद्रपति ने शकुंतलाजी के कृतित्व और व्यक्तित्व को याद किया। मुख्य अतिथि प्रो. मंजीत चतुर्वेदी रहीं। स्वागत भाषण संस्था के अध्यक्ष अर्पित शिधोरे, संचालन सचिव ऋत्विक जोशी और धन्यवाद ज्ञापन संयोजक सुमित श्रीवास्तव ने किया।
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दि एंड एंड दि ग्रासहॉपर, विलियम सॉमरसेट मॉम द्वारा लिखित निबंध है। जिसका नाट्य रूपांतरण और निर्देशन उमेश भाटिया ने किया है। इसकी मूल भाषा बनारसी बोली काशिका है। इसमें बनारस के पान से लेकर भौकाल तक दर्शकों को स्वाद मिला। नाटक में दिखाया गया है कि जो भी आगे निकलने को तत्पर है और मेहनती है, उसे समाज स्वीकार करता है जबकि जो थोड़ा जीवन का आनंद लेना चाहता है उसको समाज स्वीकार नहीं करता। बड़ा भाई जॉर्ज रामसे मेहनत करता है जबकि छोटा भाई टॉम रामसे जिंदगी पूरी शिद्दत से जीता है। व्यंग्यात्मक शैली में इस नाटक का क्लाइमेक्स अंत में इस संदेश पर पहुंचता है कि जीवन के हर पल का मजा लेना चाहिए।
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समारोह का उद्घाटन करते हुए कवि-कथाकार ज्ञानेंद्रपति ने शकुंतलाजी के कृतित्व और व्यक्तित्व को याद किया। मुख्य अतिथि प्रो. मंजीत चतुर्वेदी रहीं। स्वागत भाषण संस्था के अध्यक्ष अर्पित शिधोरे, संचालन सचिव ऋत्विक जोशी और धन्यवाद ज्ञापन संयोजक सुमित श्रीवास्तव ने किया।
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