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सारनाथ में प्रेमी-प्रेमिका ने जहर खाकर जान दी
Updated Tue, 24 Oct 2017 02:22 AM IST
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वाराणसी/सारनाथ। मंडुवाडीह थानांतर्गत कंदवा क्षेत्र की परमहंस नगर कॉलोनी निवासी रीतेश कुमार (25) और उसके पड़ोस की शिवानी (19) ने सोमवार की दोपहर सारनाथ संग्रहालय के समीप सड़क किनारे जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को दीनदयाल राजकीय अस्पताल ले गई, जहां रितेश की मौत हो गई। वहीं, गंभीर हालत में शिवानी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। सारनाथ पुलिस के अनुसार, दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे। शादी की बात न बनती देख दोनों ने यह कदम उठाया। उनके पास से सारनाथ संग्रहालय की प्रवेश रसीद बरामद हुई, जिसके पीछे लिखा था कि हम दोनों अपनी मर्जी से सूसाइड कर रहे हैं। पर्ची पर घर का पता और मोबाइल नंबर भी लिखा था।
बिहार में कृषि विभाग में एसडीओ के तौर पर तैनात कमलेश प्रसाद परमहंस नगर कॉलोनी में मकान बनवा कर रहते हैं। उनका बेटा रीतेश बीकाम करने के बाद बैंकिंग परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कमलेश के पड़ोसी सुरेश की दो बेटियों और एक बेटे में सबसे बड़ी शिवानी भी पढ़ाई पूरी कर रीतेश के साथ बैंकिंग परीक्षाओं की कोचिंग करती थी। दोनों नौकरी की तलाश में थे।
बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर दोनों सारनाथ स्थित संग्रहालय पहुंचे। वहां का प्रवेश टिकट खरीद कर दोनों अंदर गए और वहां काफी देर तक बातें कीं। फिर एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए बाहर निकले। कुछ दूर तक टहलने के बाद वे सड़क किनारे बैठ गए और वहीं उन्होंने लाई-चना में विषाक्त पदार्थ मिलाकर निगल लिया। थोड़ी देर बाद दोनों को उल्टी होने लगी। उनकी हालत बिगड़ती देख वहां गुजर रहे एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों को सारनाथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। जहां डॉक्टर ने उन्हें दीनदयाल राजकीय अस्पताल रेफर कर दिया। दीनदयाल अस्पताल में रीतेश को मृत घोषित कर दिया गया जबकि शिवानी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से शिवानी के परिवारीजन उसे अपनी तसल्ली के लिए डीरेका स्थित अस्पताल ले गए। वहां के डॉक्टरों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। सारनाथ थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों के परिवारीजनोें ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया तो पंचनामा भर कर शव उनके सुपुर्द कर दिया गया। दोनों के परिवारीजनों का एक-दूसरे पर कोई आरोप नहीं था।
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बिहार में कृषि विभाग में एसडीओ के तौर पर तैनात कमलेश प्रसाद परमहंस नगर कॉलोनी में मकान बनवा कर रहते हैं। उनका बेटा रीतेश बीकाम करने के बाद बैंकिंग परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कमलेश के पड़ोसी सुरेश की दो बेटियों और एक बेटे में सबसे बड़ी शिवानी भी पढ़ाई पूरी कर रीतेश के साथ बैंकिंग परीक्षाओं की कोचिंग करती थी। दोनों नौकरी की तलाश में थे।
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बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर दोनों सारनाथ स्थित संग्रहालय पहुंचे। वहां का प्रवेश टिकट खरीद कर दोनों अंदर गए और वहां काफी देर तक बातें कीं। फिर एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए बाहर निकले। कुछ दूर तक टहलने के बाद वे सड़क किनारे बैठ गए और वहीं उन्होंने लाई-चना में विषाक्त पदार्थ मिलाकर निगल लिया। थोड़ी देर बाद दोनों को उल्टी होने लगी। उनकी हालत बिगड़ती देख वहां गुजर रहे एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों को सारनाथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। जहां डॉक्टर ने उन्हें दीनदयाल राजकीय अस्पताल रेफर कर दिया। दीनदयाल अस्पताल में रीतेश को मृत घोषित कर दिया गया जबकि शिवानी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से शिवानी के परिवारीजन उसे अपनी तसल्ली के लिए डीरेका स्थित अस्पताल ले गए। वहां के डॉक्टरों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। सारनाथ थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों के परिवारीजनोें ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया तो पंचनामा भर कर शव उनके सुपुर्द कर दिया गया। दोनों के परिवारीजनों का एक-दूसरे पर कोई आरोप नहीं था।
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