वाराणसीः काशी के कोतवाल के जन्मोत्सव पर कटा 701 किलो का केक, भक्तों ने दर्शन-पूजन कर ग्रहण किया प्रसाद
वाराणसी में शनिवार को मार्ग शीर्ष कृष्ण अष्टमी तिथि पर महा भैरवाष्टमी मनाई गई। इस दौरान कालभैरव मंदिर में 701 किलो का केक काटा गया तो कपाल भैरव में अन्नकूट की झांकी सजाई गई।
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वाराणसी में रुद्रावतार काशी के कोतवाल का प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया। कालभैरव मंदिर में 701 किलो का केक काटा गया तो कपाल भैरव में अन्नकूट की झांकी सजाई गई। बाल स्वरूप में बाबा कालभैरव का शृंगार हुआ और भक्तों ने देर रात तक बाबा के दरबार में दर्शन पूजन का लाभ लिया।
शिव के क्रोध से प्रकट भैरवनाथ के जन्मोत्सव का उल्लास काशी के सभी भैरव मंदिराें में नजर आया। आरती पर्यंत बज रहे डमरुओं के नाद ने हर किसी को शिवत्व का अहसास कराया। शनिवार को मार्ग शीर्ष कृष्ण अष्टमी तिथि पर महा भैरवाष्टमी मनाई गई। महा भैरवाष्टमी के पावन पर्व पर काशी के न्यायाधीश बाबा श्री लाट भैरव जी को ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दशविध स्नान कराया गया।
बाबा के बाल स्वरूप रजत मुखौटे को धारण कराकर नवीन वस्त्राभूषण से अलंकृत किया गया। तदुपरांत भव्य अन्नकूट शृंगार किया गया। श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति के तत्वावधान में कज्जाकपुरा स्थित मंदिर के गर्भगृह में बाबा के चहुंओर नाना प्रकार के व्यंजन, मिष्ठान, फल, नमकीन, मेवे, कारन को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
संपूर्ण मंदिर परिसर सहित ब्रम्ह हत्या दोष मुक्ति स्थल श्री कपाल मोचन तीर्थ की विशेष सजावट की गई थी। रात्रि में मुन्ना लाल यादव ने बाबा की आठ विधियों धूप, दीप, कपूर, लोहबान, पुष्प, जल, वस्त्र, चंवर से भव्य आरती उतारी। बाबा का मनोहारी और अद्भुत दर्शन हृदय को आह्लादित कर रहा था। मंदिर के चबूतरे पर एक ओर संगीतमय सुंदर कांड पाठ किया जा रहा था।
दूसरी ओर भंडारे में भक्तगण प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। परंपरानुसार कुंड के समीप स्थित रामबाग में नगर वधुओं ने बाबा के दरबार में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से हाजिरी लगाई। देर रात्रि पाक्षिक अष्टमी पूजन आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान समिति के अध्यक्ष हरिहर पांडेय, बसंत सिंह राठौर, मंत्री मुन्ना लाल यादव, बच्चेलाल, विक्रम सिंह राठौर, अजय सिंह, शिवम अग्रहरि, मंदीप आदि उपस्थित रहे।
भक्तों को बांटा केक का प्रसाद
कालभैरव की आरती के बाद जन्मोत्सव पर फल और पंचमेवा से निर्मित 701 किलो का केक काटा गया। मंदिर चौक पर प्रसाद भी वितरित किया गया। इस दौरान प्रिंस गुप्ता, पंकज चतुर्वेदी, संतोष दुबे, नवीन गिरि, आशीष गुप्ता, सागर केशरी, संजय दुबे, अभिषेक, आनंद गुप्ता, प्रदीप पांडेय आदि मौजूद रहे।
बटुक भैरव का हुआ शृंगार
दक्षिणामूर्ति काली मंदिर में विराजमान बटुक भैरव का शृंगार किया गया। व्यवस्थापक राजू गिरि ने बताया कि विधिविधान से पूजन व शृंगार के बाद रात में महा आरती उतारी गई। वहीं, कमच्छा स्थित बटुक भैरव मंदिर में बाबा के बाल स्वरूप का शृंगार और पूजन हुआ।