6700 करोड़ की सौगात दे गए गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनका सपना था कि वह गंगा में जलमार्ग विकसित करके वाराणसी से जल परिवहन की शुरुआत करेंगे। पहले इस पर लोग हंसते थे लेकिन आज सच हो रहा है। बताया कि वाराणसी से हल्दिया के बीच 11 पावर प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है, उसकी जरूरत का कोयला जलमार्ग से आएगा। जलपोतों से ढुलाई के लिए पंजाब, हरियाणा आदि से माल वाराणसी आएगा। यहां माल रखने के लिए टर्मिनल के पास बड़े-बडे़ शेड बनाए जाएंगे। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही बांग्लादेश, म्यांमार तक माल ढुलाई का कारोबार यहीं से होगा। इससे सब्जियां भी बाहर भेजी जाएंगी।
मंत्री ने कहा, जल परिवहन से माला भाड़ा सस्ता होने के नाते इसका असर उत्पादों की कीमत पर भी पड़ेगा। कार की कीमत चार से पांच हजार रुपये कम हो जाएगी। खाद्य तेल डेढ़ से दो रुपये सस्ता हो जाएंगे। कहा, हम जलपोत की ऐसी डिजाइन बन रहे हैं, जो कम वाटर लेवल पर भी ज्यादा भार ले जाने में सक्षम हो। जलमार्ग विकास के लिए ढाई हजार करोड़ रुपये के टेंडर कर दिए गए हैं। वाराणसी से इलाहाबाद तक जलमार्ग के विकास का काम जल्द शुरू होगा।
बता दें कि जिन दो मालवाहक जहाजों को ट्रायल रन पर भेजा गया, उनमें वीवी गिरि में मारुति की 24 कारें और जॉय वासुदेब में बिल्डिंग मैटेरियल कोलकाता भेजा गया है। विधिवत पूजा-पाठ के बाद केंद्रीय मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर पहले वासुदेब और फिर वीवी गिरि को रवाना किया। इस मौके पर आईडब्ल्यूएआई के चेयरमैन अमिताभ वर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीर पांडेय, पटना और वाराणसी के निदेशक रविकांत, उपायुक्त वाराणसी एके मिश्रा आदि मौजूद थे। जलपोतों देखने के लिए कार्यक्रम स्थल से मालवीय ब्रिज तक लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी रही।
4200 करोड़ की परियोजना के प्रथम चरण में हल्दिया से वाराणसी तक जलमार्ग का विकास किया जाना है। टर्मिनल से केवल माल ढुलाई ही नही होगी बल्कि यात्री जलपोत भी चलेंगे। गडकरी ने कहा कि इसके लिए टर्मिनल पर फ्लोटिंग जेट्टी बनाई जाएगी। वाराणसी, साहिबगंज, हल्दिया में बनने वाले मल्टी मॉडल टर्मिनल आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे। टर्मिनल का काम अगस्त, 2018 तक पूरा होने की संभावना है। रामनगर टर्मिनल को एनएच-7 और जीवनाथपुर रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा। प्रथम चरण का कार्य पूरा होने पर टर्मिनल की अनुमानित कार्गो हैंडलिंग क्षमता प्रतिवर्ष 12 लाख टन की होगी। टर्मिनल पर दो जलयानों की एक साथ बर्थिंग, भंडारण क्षेत्र, ट्रांजिट शेड, पार्किंग क्षेत्र की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से गुजरते हुए हल्दिया, हावड़ा, कोलकाता, भागलपुर, पटना, गाजीपुर, वाराणसी, इलाहाबाद और इससे जुड़े सुदूर क्षेत्रों की वाणिज्यिक तथा औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगा। इस क्षेत्र के रेल और सड़क मार्ग पर दबाव कम होगा।