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मानवीय संवेदनाओं को झंकझोर गया हादसा
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वाराणसी। सेतु सांस्कृतिक संस्था की ओर से आयोजित 16 में राष्ट्रीय नाट्य आंदोलन की भव्य शुरुआत बुधवार को नागरी नाटक मंडली में हुई। इस अवसर पर दो नाटकों का मंचन किया गया।
विश्व रंगमंच दिवस पर आयोजित पहला नाटक ‘हादसे के बाद’ प्रस्तुत किया गया। नेत्रदान के प्रणेता डॉक्टर एपी शाह को समर्पित नाटक को प्रतिमा सिन्हा ने लिखा और सलीम राजा द्वारा निर्देशित किया गया। नाटक में मध्यम वर्गीय परिवार की एक लड़की जो बलात्कार जैसी जघन्य अपराध का शिकार हो जाती है। इसमें परिवार के टूटने का मनोवैज्ञानिक प्रदर्शन भावपूर्ण ढंग से किया गया। इस नाटक में 12 वर्षों बाद पुन: कलाकार और वरिष्ठ अरविंद मिश्रा ने पिता की भूमिका में अपने प्रभावपूर्ण अभिनय और भावेश ने सबका दिल जीत लिया।
दूसरा नाटक ‘कोई सदा नहीं’ का मंचन किया गया। निर्देशन आफताब रावण का रहा। ‘कोई सदा नहीं’ नाटक जनाब सैयद अहमद कादरी की किताब ‘धूप की चादर’ से लिया गया। कहानी को मंच पर किस्सागोई शैली में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य ने नाट्य कलाकारों को सम्मानित किया। इसमें नारायण रविंद्र रंगमंच सेवाओं के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। इस अवसर पर अमित कुमार अग्रवाल, भारतीय नाट्य परिषद के अध्यक्ष अशोक मानव, विजय प्रकाश, सेतु के अध्यक्ष डॉ. सुनील शाह उपस्थित रहे।
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विश्व रंगमंच दिवस पर आयोजित पहला नाटक ‘हादसे के बाद’ प्रस्तुत किया गया। नेत्रदान के प्रणेता डॉक्टर एपी शाह को समर्पित नाटक को प्रतिमा सिन्हा ने लिखा और सलीम राजा द्वारा निर्देशित किया गया। नाटक में मध्यम वर्गीय परिवार की एक लड़की जो बलात्कार जैसी जघन्य अपराध का शिकार हो जाती है। इसमें परिवार के टूटने का मनोवैज्ञानिक प्रदर्शन भावपूर्ण ढंग से किया गया। इस नाटक में 12 वर्षों बाद पुन: कलाकार और वरिष्ठ अरविंद मिश्रा ने पिता की भूमिका में अपने प्रभावपूर्ण अभिनय और भावेश ने सबका दिल जीत लिया।
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दूसरा नाटक ‘कोई सदा नहीं’ का मंचन किया गया। निर्देशन आफताब रावण का रहा। ‘कोई सदा नहीं’ नाटक जनाब सैयद अहमद कादरी की किताब ‘धूप की चादर’ से लिया गया। कहानी को मंच पर किस्सागोई शैली में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य ने नाट्य कलाकारों को सम्मानित किया। इसमें नारायण रविंद्र रंगमंच सेवाओं के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। इस अवसर पर अमित कुमार अग्रवाल, भारतीय नाट्य परिषद के अध्यक्ष अशोक मानव, विजय प्रकाश, सेतु के अध्यक्ष डॉ. सुनील शाह उपस्थित रहे।
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