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अधूरी तैयारियों के बीच शुरू हुई ओपीडी, देखे गए मरीज
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वाराणसी। बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल के शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स में आधी-अधूरी तैयारियों के बीच सोमवार से ओपीडी शुरू हुई। एक ओर जहां आठ विभागों की ओपीडी शुरू कराई गई, वहीं यहां निर्माण कार्य भी चल रहा है। जहां-तहां गिट्टी, बालू, लोहे के रॉड रखे होने से खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि 1642 मरीज पहले दिन ओपीडी में देखे गए। उधर, अस्पताल के हृदय रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. ओमशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य मंत्री को ट्वीट कर आपत्ति जताई है।
मनोचिकित्सा विभाग के सामने 200 करोड़ की लागत से बन रहे छह मंजिला कांपलेक्स में आठ विभाग की ओपीडी चलाई जा रही है। सोमवार सुबह मरीज पहुंचे और कांपलेक्स में हर तरफ काम चलता देख दंग रह गए। कहीं ऊपर से लोहे का रॉड ग्रील किया जा रहा था तो कहीं सीमेंट, बालू से जोड़ाई चल रही थी। उधर, इस व्यवस्था से नाराज होकर हृदय रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. ओमशंकर ने कांपलेक्स की ओपीडी में बैठने से मना कर दिया और विभाग में जाकर मरीज देखा।
डॉ. ओमशंकर ने यह भी बताया है कि मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया है। न तो अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई और न ही फिटनेस टेस्टिंग की गई। निर्माण और ओपीडी दोनों एक साथ चल रहा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने बताया कि सोमवार को वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ ही रेजीडेंट ने 1642 मरीजों को देखा। जल्द ही यहां और भी विभागों के वार्ड स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। बताया कि कुलपति के निर्देश पर अस्पताल में चलने वाली पेड ओपीडी को बंद कर दिया गया है। मंगलवार से किसी भी विभाग की पेड ओपीडी नहीं चलेगी।
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मनोचिकित्सा विभाग के सामने 200 करोड़ की लागत से बन रहे छह मंजिला कांपलेक्स में आठ विभाग की ओपीडी चलाई जा रही है। सोमवार सुबह मरीज पहुंचे और कांपलेक्स में हर तरफ काम चलता देख दंग रह गए। कहीं ऊपर से लोहे का रॉड ग्रील किया जा रहा था तो कहीं सीमेंट, बालू से जोड़ाई चल रही थी। उधर, इस व्यवस्था से नाराज होकर हृदय रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. ओमशंकर ने कांपलेक्स की ओपीडी में बैठने से मना कर दिया और विभाग में जाकर मरीज देखा।
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डॉ. ओमशंकर ने यह भी बताया है कि मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया है। न तो अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई और न ही फिटनेस टेस्टिंग की गई। निर्माण और ओपीडी दोनों एक साथ चल रहा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने बताया कि सोमवार को वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ ही रेजीडेंट ने 1642 मरीजों को देखा। जल्द ही यहां और भी विभागों के वार्ड स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। बताया कि कुलपति के निर्देश पर अस्पताल में चलने वाली पेड ओपीडी को बंद कर दिया गया है। मंगलवार से किसी भी विभाग की पेड ओपीडी नहीं चलेगी।
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