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नए डीएम बोले, योजनाओं को धरातल पर उतारना प्राथमिकता
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:43 AM IST
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ज्ञानपुर। नवागत जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना और पात्रों तक उनका लाभ पहुंचाना मेरी प्राथमिकता होगी। व्यवस्था और कामकाज के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित कोषागार कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिले में अधूरे विकास कार्यों को पूर्ण कराने पर जोर दिया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली सुधार लें। सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में समय पर उपस्थित होकर जनता की शिकायतें सुनें। हालांकि नवागत डीएम के लिए सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और कई अधूरी योजनाओं को पूरा कराना बड़ी चुनौती होगी। तहसील, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य सरकारी दफ्तरों में आम जन से लिए जाने वाले चढ़ावे पर रोक लगाने में प्रशासन विफल साबित होता रहा है। राजेंद्र प्रसाद 2006 बैच के आईएएस हैं। वह मूल रूप से इलाहाबाद जिले के फूलपुर क्षेत्र के मैलहन गांव के रहने वाले हैं। उनकी शिक्षा-दीक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई है। डीएम के रूप में उनकी पहली नियुक्ति है। इसके पूर्व वह प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय में निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
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उन्होंने कहा कि जिले में अधूरे विकास कार्यों को पूर्ण कराने पर जोर दिया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली सुधार लें। सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में समय पर उपस्थित होकर जनता की शिकायतें सुनें। हालांकि नवागत डीएम के लिए सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और कई अधूरी योजनाओं को पूरा कराना बड़ी चुनौती होगी। तहसील, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य सरकारी दफ्तरों में आम जन से लिए जाने वाले चढ़ावे पर रोक लगाने में प्रशासन विफल साबित होता रहा है। राजेंद्र प्रसाद 2006 बैच के आईएएस हैं। वह मूल रूप से इलाहाबाद जिले के फूलपुर क्षेत्र के मैलहन गांव के रहने वाले हैं। उनकी शिक्षा-दीक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई है। डीएम के रूप में उनकी पहली नियुक्ति है। इसके पूर्व वह प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय में निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
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