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श्याम झूलनोत्सव में बही भजनों की गंगधार
Updated Mon, 31 Jul 2017 02:26 AM IST
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वाराणसी। अखंड ज्योति के साथ भजनों की रसधार के बीच फूलों से निर्मित घोड़े पर रथारूढ़ श्याम प्रभु की मनोहारी झांकी देख हर कोई निहाल हो गया। एक तरफ हनुमान एवं गणेश जी की झांकी, दूसरी तरफ मां दुर्गा एवं देवाधिदेव महादेव की झांकी का रविवार को सजाई गई। 46 वें श्याम झूलनोत्सव के दूसरे व अंतिम दिन श्री श्याम मंडल के तत्वावधान में पिपलानी कटरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित इस महोत्सव में दूसरे दिन भक्तों ने भजनों की गंगधार से श्याम प्रभु को नमन किया। झूलनोत्सव में श्याम प्रभु का गुलाब, चमेली, आरकिड, बेला आदि फूलों से श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर कोलकाता से आये प्रख्यात भजन गायक संजय मित्तल ने भजन ‘हारे के सहारे आजा‘, ‘ये प्रार्थना दिल की बेकार नही होगी‘ आदि भजनो से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
महोत्सव में भाग लेने जयपुर से आई भजन गायिका उमा लहरी ने भी भजनों से श्याम दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने ‘सावरें की महफिल को सांवरा सजाता है‘, ‘तुम हमारे थे प्रभु जी हम तुम्हारे है‘, ‘हारे का तु है सहारा सावरें‘, ‘एक मन कहता है करले - करले दूजा कहता नही - नही‘, ‘ओ पालन हारे ओ निर्गुण न्यारे‘ जैसे भजनो से श्याम भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। राणी सती श्याम भक्त मंडल के भरत सराफ, अनूप सराफ एवं अनिल भावसिका ने भी भजनों की प्रस्तुतियां दी। कोलकाता से श्री श्याम मित्र मंडल, श्री श्याम गुणगान मंडल व श्री श्याम कला भवन के अलावा जयपुर से आए श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने भी भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियाें से श्याम प्रभु को नमन किया। झूलनोत्सव प्रधान पुजारी संजय हाजारी के द्वारा सामूहिक सुंदर कांड के पाठ का आयोजन किया गया। अपराह्न में मारवाड़ी युवा मंच अन्नपुर्णा शाखा की सदस्यों ने नृत्य नाटिका के जरिये दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने श्रीकृष्ण - सुदामा चरित्र पर भावपूर्ण नृत्य नाटिका का मंचन किया। साथ ही प्रभु को छप्पन भोग की झांकी भी अर्पित की। नृत्य नाटिका में पूजा लोहिया, कनक खण्डेलवाल, सुनीता जाजोदिया, अनीता भारोलिया, सुमन खेमका, प्रिया तुलस्यान, यशा मोदी, श्वेता अग्रवाल, बरखा जालान आदि सदस्यों ने हिस्सा लिया। महोत्सव में लखनउ से आई मंडली ने मयूर नृत्य भी प्रस्तुत किया।
झूलनोत्सव का समापन रात्रि 11 बजे प्रभु की महाआरती के साथ हुआ। इसके पूर्व दोपहर से ही श्रद्धालुओं को सवामणी प्रसाद का वितरण किया गया। महोत्सव के मुख्य अतिथि सुभाष चंद्र तुलस्यान एवं विष्णुकांत अग्रवाल समेत कलाकारों का स्वागत अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर कार्यक्त्रस्म संयोजक राजेश तुलस्यान एवं अजय खेमका ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रमोद बजाज, मदन मोहन पोद्यार, आरके चौधरी, दीपक तोदी, सुरेश तुलस्यान, जय प्रकाश गाडोदिया, पवन कुमार अग्रवाल, चंदन तोदी, जगदम्बा तुलस्यान, आदि मौजूद रहे।
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महोत्सव में भाग लेने जयपुर से आई भजन गायिका उमा लहरी ने भी भजनों से श्याम दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने ‘सावरें की महफिल को सांवरा सजाता है‘, ‘तुम हमारे थे प्रभु जी हम तुम्हारे है‘, ‘हारे का तु है सहारा सावरें‘, ‘एक मन कहता है करले - करले दूजा कहता नही - नही‘, ‘ओ पालन हारे ओ निर्गुण न्यारे‘ जैसे भजनो से श्याम भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। राणी सती श्याम भक्त मंडल के भरत सराफ, अनूप सराफ एवं अनिल भावसिका ने भी भजनों की प्रस्तुतियां दी। कोलकाता से श्री श्याम मित्र मंडल, श्री श्याम गुणगान मंडल व श्री श्याम कला भवन के अलावा जयपुर से आए श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने भी भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियाें से श्याम प्रभु को नमन किया। झूलनोत्सव प्रधान पुजारी संजय हाजारी के द्वारा सामूहिक सुंदर कांड के पाठ का आयोजन किया गया। अपराह्न में मारवाड़ी युवा मंच अन्नपुर्णा शाखा की सदस्यों ने नृत्य नाटिका के जरिये दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने श्रीकृष्ण - सुदामा चरित्र पर भावपूर्ण नृत्य नाटिका का मंचन किया। साथ ही प्रभु को छप्पन भोग की झांकी भी अर्पित की। नृत्य नाटिका में पूजा लोहिया, कनक खण्डेलवाल, सुनीता जाजोदिया, अनीता भारोलिया, सुमन खेमका, प्रिया तुलस्यान, यशा मोदी, श्वेता अग्रवाल, बरखा जालान आदि सदस्यों ने हिस्सा लिया। महोत्सव में लखनउ से आई मंडली ने मयूर नृत्य भी प्रस्तुत किया।
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झूलनोत्सव का समापन रात्रि 11 बजे प्रभु की महाआरती के साथ हुआ। इसके पूर्व दोपहर से ही श्रद्धालुओं को सवामणी प्रसाद का वितरण किया गया। महोत्सव के मुख्य अतिथि सुभाष चंद्र तुलस्यान एवं विष्णुकांत अग्रवाल समेत कलाकारों का स्वागत अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर कार्यक्त्रस्म संयोजक राजेश तुलस्यान एवं अजय खेमका ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रमोद बजाज, मदन मोहन पोद्यार, आरके चौधरी, दीपक तोदी, सुरेश तुलस्यान, जय प्रकाश गाडोदिया, पवन कुमार अग्रवाल, चंदन तोदी, जगदम्बा तुलस्यान, आदि मौजूद रहे।
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