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27 साल में नौकरशाहों ने किया शहर का बेड़ा गर्क

Sun, 16 Jul 2017 02:19 AM IST
Updated Sun, 16 Jul 2017 02:19 AM IST
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27 साल में नौकरशाहों ने किया शहर का बेड़ा गर्क
वाराणसी। काशी के सुनियोजित विकास की बात तो दूर, नौकरशाहों के नाकारेपन ने शहर का बेड़ा गर्क कर दिया। 27 सालों में 500 अवैध कॉलोनियां आबाद हो गईं। यह सब वीडीए के तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों की आंखों के सामने हुआ। लेकिन, न कोई कार्रवाई की गई न रोकटोक। शहर में बुनियादी सुविधाओं का ढांचा चरमराने की बड़ी वजह ये अवैध कॉलोनियां ही हैं। शहर में जाम, यातायात, सीवर, पेयजल प्रबंधन की बढ़ती समस्याएं इन्हीं की देन हैं। इन हालात के लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं? वीडीए की निगरानी के बावजूद अवैध कॉलोनियां कैसे आबाद हुईं? इनके जरिए मोटी रकम कमाने वाले डेवलपर्स पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं की गईं? ऐसे तमाम सवालों की निष्पक्षता से जांच हुई तो कई पूर्व अधिकारियों, कर्मचारियों का फंसना तय है।
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दो महीने पहले ही चार्ज संभालने वाले वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने बताया कि 1990 के बाद शहर के किसी बड़े डेवलपर्स ने एक भी कॉलोनी का ले आउट नहीं बनवाया जबकि तब से अब तक 500 कॉलोनियां आबाद हो गईं। वीडीए सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि इन कॉलोनियों में व्यक्तिगत नक्शे तो लोगों ने पास कराए लेकिन कॉलोनी का ले आउट पास नहीं होने से वहां सीवर, पेयजल, सड़क, पार्क जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं हुईं। आबादी का दबाव बढ़ने के साथ इसका असर पूरे शहर पर पड़ा। यातायात दबाव बढ़ा और जाम सहित अन्य समस्याएं बढ़ती गईं। इन कॉलोनियों में जलनिकासी और सीवर का प्रबंध न होने से बारिश का पानी भर जाता है। कहा कि जो भी लोग जिम्मेदार होंगे, उन पर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी। आगे ऐसा न हो, इसके लिए डेवलपर्स पर शिकंजा कसा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी तरह का कोई अव्यवस्थित निर्माण न होने पाए।
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25 बड़े बकाएदारों पर वीडीए कसेगा शिकंजा
वीडीए वीसी ने बताया कि वीडीए के आवास लेकर धनराशि जमा नहीं करने वाले 25 बड़े बकाएदार चिह्नित किए गए हैं। इन पर 14 करोड़ से अधिक बकाया है। इन्हें जल्द ही नोटिस जारी कर धनराशि जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया जाएगा। उसके बाद वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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पहले लेआउट पास कराएं फिर बनाएं कॉलोनी
वाराणसी। मुगलसराय से अलीनगर एनएच-दो पर कॉलोनियां विकसित करने वाले 14 बड़े डेवलपर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के बाद वीडीए उपाध्यक्ष ने ऐसे अन्य सभी डेवलपर्स को दो टूक हिदायत दी। कहा कि बिना नक्शा और लेआउट पास कराए कोई भी कॉलोनी विकसित नहीं होने दी जाएगी। ऐसे डेवलपर्स पर तत्काल एफआईआर कराई जाएगी। साथ ही, उन्हें प्रतिबंधित भी किया जाएगा।
सुबह करीब आठ बजे वीडीए उपाध्यक्ष पूरे दलबल के साथ मुगलसराय से अलीनगर एनएच-दो पर पहुंचे थे। बताया कि आठ ऐसे डेवलपर्स को चिह्नित किया गया था लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद वहां ऐसी 14 अनाधिकृत कॉलोनियां बनाने वालों के कार्यालय पाए गए। इनमें किसी ने वीडीए से लेआउट या नक्शा पास नहीं कराया था। मौके पर मौजूद ग्रुप, कंपनियों/संस्थाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस थमाने के साथ ही वहां चस्पा भी कराया गया। फिर जेसीबी से कार्यालय, साइनेज, बोर्ड ध्वस्त करा दिए गए। ये कार्यालय एनएच के 20 मीटर दायरे के ग्रीन बेल्ट जोन में आ रहे थे। कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई है।

423 एकड़ में चल रहा अवैध प्लाटिंग का खेल, 14 और ग्रुप चिह्नित
मोहनसराय से मुगलसराय, रामनगर, अलीनगर नेशनल हाईवे पर धड़ल्ले से जमीन की प्लाटिंग कराई जा रही है। वीडीए वीसी ने बताया कि वीडीए की बिना अनुमति के एप्रूव्ड का बोर्ड लगाकर लोगाें को ठगा जा रहा है। हाईवे किनारे और आसपास के गांवों में ऐसे 14 अन्य बड़े ग्रुप हाउस कंपनियाें/ डेवलपर्स/संस्थाओं को चिहिनत किया गया है। इनको भी नोटिस जारी किया गया है। इस इलाके में तकरीबन 423 एकड़ जमीन पर बिना लेआउट पास कराए प्लाटिंग कराई जा रही है। इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

बैंक, बिजली, रजिस्ट्री कार्यालय को लिखेंगे पत्र
यदि बिना लेआउट के कालोनी विकसित की जा रही है तो बैंकों को लोन, बिजली विभाग को कनेक्शन न देने के लिए पत्र लिखा जाएगा। वहीं नगर निगम को नक्शा पास न करने, रजिस्ट्री विभाग में पत्र भेजकर रजिस्ट्री न करने का आग्रह किया जाएगा। जिससे अवैध कालोनियों के निर्माण पर अंकुश लग सके।


नए सिरे से तैयार होगी अवैध कॉलोनियों की रिपोर्ट
वीडीए वीसी ने बताया कि इतनी बड़ी तादाद में अवैध कॉलोनियों के आबाद होने के पीछे विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियाें के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। सभी जोनल अधिकारियों, अवर अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं का कार्यक्षेत्र बदलने के साथ ही अपनेे इलाके को समझने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। अवैध कॉलोनियों एवं निर्माण की रिपोर्ट नए सिरे से तैयार की जाएगी।
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