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आरा मशीनों की होगी मानीटरिंग
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:51 AM IST
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चकिया। प्रदेश में आरा मशीनों की मानिटरिंग अब जीपीएस के जरिए होगी। इसके तहत जिले की आरामशीनों की जीपीएस लोकेशन लखनऊ के वन विभाग मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। आरामशीनों के अतिरिक्त हरे पेड़ों की कटाई करने की भी जीपीएस लोकेशन तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके है। जीपीएस लोकेशन तय होने से अवैध रूप से चल रही आरामशीनों एवं अवैध रूप से हरे वृक्षों की कटान पर रोक लगेगी।
आरामशीनों की वन क्षेत्र से निर्धारित दूरी की मानिटरिंग करने के लिए वन विभाग द्वारा आरामशीनों की लोकेशन जियो पोजिशनिंग सिस्टम के जरिए लोकेट की जाएगी। इसके तहत चंदौली जनपद की सभी लाइसेंसशुदा आरामशीनों की जीपीएस लोकेशन तय करके प्रदेश वन विभाग के मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। जीपीएस लोकेशन के तहत आरामशीन वन क्षेत्र से कितनी दूरी पर तथा किस अक्षांश एवं किस देशांतर पर आरामशीन स्थित है इसकी जानकारी सीधे प्रदेश वन विभाग के पास उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त वन क्षेत्र के आस-पास के गांवो में पेड़ो को काटे जाने की परमीशन विभाग द्वारा दिये जाने के पहले कटने वाले वृक्ष की भी जीपीएस लोकेशन ट्रेस कर उसे लखनऊ मुख्यालय भेजा जाएगा, इसके निर्देष जारी किए जा चुके हैं। काशी वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ गोपाल ओझा कहते हैं कि जीपीएस लोकेशन फाइनल होने के बाद अवैध रूप संचालित आरामशीनों पर कार्रवाई करने में आसानी होगी तथा पेड़ो की अवैध कटान पर भी प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि प्रभाग की सभी आरामशीनों की जीपीएस लोकेशन प्रदेश मुख्यालय को भेजी जा चुकी है।
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आरामशीनों की वन क्षेत्र से निर्धारित दूरी की मानिटरिंग करने के लिए वन विभाग द्वारा आरामशीनों की लोकेशन जियो पोजिशनिंग सिस्टम के जरिए लोकेट की जाएगी। इसके तहत चंदौली जनपद की सभी लाइसेंसशुदा आरामशीनों की जीपीएस लोकेशन तय करके प्रदेश वन विभाग के मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। जीपीएस लोकेशन के तहत आरामशीन वन क्षेत्र से कितनी दूरी पर तथा किस अक्षांश एवं किस देशांतर पर आरामशीन स्थित है इसकी जानकारी सीधे प्रदेश वन विभाग के पास उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त वन क्षेत्र के आस-पास के गांवो में पेड़ो को काटे जाने की परमीशन विभाग द्वारा दिये जाने के पहले कटने वाले वृक्ष की भी जीपीएस लोकेशन ट्रेस कर उसे लखनऊ मुख्यालय भेजा जाएगा, इसके निर्देष जारी किए जा चुके हैं। काशी वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ गोपाल ओझा कहते हैं कि जीपीएस लोकेशन फाइनल होने के बाद अवैध रूप संचालित आरामशीनों पर कार्रवाई करने में आसानी होगी तथा पेड़ो की अवैध कटान पर भी प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि प्रभाग की सभी आरामशीनों की जीपीएस लोकेशन प्रदेश मुख्यालय को भेजी जा चुकी है।
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