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पहली सालगिरह भी नहीं मना पाते 40 फीसदी पौधे
Updated Mon, 12 Jun 2017 01:51 AM IST
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वाराणसी। हरियाली फैलाने एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए हर साल लाखों पौधे लगाए जाते हैं लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है। 40 फीसदी पौधे अपनी पहली सालगिरह भी नहीं मना पाते। देखरेख के अभाव में तैयार होने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक पिछले वर्षों में जिले भर में कराए गए पौधरोपण के सत्यापन में नष्ट होने वाले पौधों का यह औसत सामने आया है। जबकि, जानकारों का दावा है कि पिछले साल रोपे गए पौधों का सत्यापन कराया जाए तो नष्ट होने वाले पौधों की संख्या इससे कहीं अधिक होगी।
इस साल बारिश में वन विभाग और विभिन्न संस्थाओं के जरिए 180 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1,96,900 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। पिछले साल तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने प्रदेश भर में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया था। इसके तहत वाराणसी में 2,06, 425 पौधे लगाए गए थे। सड़कों के किनारे, कॉलोनियों में लगाए गए अधिकांश पौधे मुरझा गए। उनकी सुरक्षा के लिए बनाए गए ब्रिकगॉर्ड टूट गए। वन विभाग के अलावा शिक्षण संस्थानों, शिक्षा विभाग और वीडीए की ओर से भी लगाए गए पौधों की भी देखरेख न होने से यही हालत हुई। जानकारों की मानें तो शहरी क्षेत्र में पौधरोपण के नाम पर चाहे जितने दावे किए जाएं लेकिन हकीकत यह है कि लगाए गए पौधों में 70 फीसदी से अधिक पौधे नष्ट हो गए हैं।
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इस साल बारिश में वन विभाग और विभिन्न संस्थाओं के जरिए 180 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1,96,900 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। पिछले साल तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने प्रदेश भर में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया था। इसके तहत वाराणसी में 2,06, 425 पौधे लगाए गए थे। सड़कों के किनारे, कॉलोनियों में लगाए गए अधिकांश पौधे मुरझा गए। उनकी सुरक्षा के लिए बनाए गए ब्रिकगॉर्ड टूट गए। वन विभाग के अलावा शिक्षण संस्थानों, शिक्षा विभाग और वीडीए की ओर से भी लगाए गए पौधों की भी देखरेख न होने से यही हालत हुई। जानकारों की मानें तो शहरी क्षेत्र में पौधरोपण के नाम पर चाहे जितने दावे किए जाएं लेकिन हकीकत यह है कि लगाए गए पौधों में 70 फीसदी से अधिक पौधे नष्ट हो गए हैं।
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