यूपी: सिंदूर खेला और धुनुची नृत्य के बीच 58 प्रतिमाओं का विसर्जन, तमसा तट पर जयकारों से गूंजा; आंखें नम
दुर्गा पूजा के बाद तमसा तट पर 58 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान सिंदूर खेला और धुनुची नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। पूरी रात सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मां के जयकारों से पूरा नगर गूंजता रहा।
विस्तार
सिंदूर खेला और धुनुची नृत्य के बीच बुधवार की सुबह तमसा तट पर 58 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। मंगलवार को विजयादशमी पर मां दुर्गा की विदाई से पहले गोला बाजार स्थित पंडाल में सुहागिन महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई और पारंपरिक धुनुची नृत्य कर मां की आराधना की।
वहीं, नगर में निकले विसर्जन जुलूस में श्रद्धालु पूरी रात शामिल रहे और नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। शारदीय नवरात्र के समापन पर दुर्गा पूजा महासमिति के नेतृत्व में निकला विसर्जन जुलूस पूजा स्थलों से शुरू हुआ। प्रतिमाओं को फूल-मालाओं से सुसज्जित रथों पर विराजमान कर शीतला माता धाम ले जाया गया। वहां रावण वध लीला के बाद पहुंचे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और वानर सेना ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन किए।
इसके बाद जुलूस विसर्जन के लिए रवाना हुआ। जुलूस बाईपास रोडवेज, मिर्जाहादीपुरा, औरंगाबाद, बल्लीपुरा, संस्कृत पाठशाला, राजपुताना, घास बाजार, गोला बाजार, सदर चौक, रौजा बाजार, सिंधी कॉलोनी, बाल निकेतन मोड़ और अंधा मोड़ होते हुए भीटी स्थित तमसा तट के विसर्जन घाट पहुंचा। यहां वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच एक-एक कर 58 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
पान के पत्ते से मां को चढ़ाया सिंदूर
विजयादशमी पर मंगलवार को गोला बाजार स्थित मां दुर्गा पंडाल में पारंपरिक सिंदूर खेला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना से हुई। सुहागिन महिलाओं ने पान के पत्ते से मां को सिंदूर चढ़ाया और मिठाई का भोग लगाया। इसके बाद परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सुहाग की कामना की।
रस्म के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के माथे और गालों पर सिंदूर लगाकर सुहाग की लंबी उम्र की कामना की और विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद महिलाओं और युवतियों ने ढोल-ताशों की थाप पर पारंपरिक धुनुची नृत्य किया। आयोजन में नीलम सराफ, संगीता द्विवेदी, कुसुम वर्मा, सुमन देवी, कोमल सुराणा, रिनू सुराणा और जागृति सहित अन्य महिलाएं व युवतियां मौजूद रहीं।
सुरक्षा में तैनात रही पुलिस और आरआरएफ
विसर्जन जुलूस के दौरान मंगलवार से बुधवार सुबह तक पुलिसकर्मी और आरआरएफ के जवान तैनात रहे। पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा और एएसपी अनूप कुमार ने शहर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया।