UP: बीएचयू में कनाडा...श्रीलंका सहित 55 लोगों ने पूरा किया योग कोर्स, ब्रह्म मूहुर्त में ली हिस्सेदारी
Varanasi News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 12 दिनों में छात्रों ने शिक्षा ग्रहण करने का अलग अनुभव प्राप्त किया। 24 लेक्चर्स और प्रैक्टिकल से संबंधित लाभप्रद जानकारियां दी गईं।
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बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में कनाडा और श्रीलंका सहित 55 लोगों ने योग का सर्टिफिकेट कोर्स पूरा कर लिया है। सेामवार को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन शॉट टर्म कोर्स समाप्त हो गया। इन विद्यार्थियों ने कोर्स के दौरान इन 12 दिनों तक ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नियमित कक्षा में हिस्सा लिया और संतुलित आहार का पालन किया।
विशेषज्ञों ने रील और मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए डिजिटल डिटॉक्स की ट्रेनिंग कराई। योग फॉर सेल्फ-डिसिप्लीन एंड सेल्फ-अवेयरनेस थीम पर ये शॉर्ट टर्म कोर्स तीन नवंबर से शुरू हुआ था। इसमें कुल 24 लेक्चर्स और प्रैक्टिकल सत्र हुए।
कनाडा, श्रीलंका से भी बीएचयू आए विद्यार्थी
कोर्स में कनाडा, श्रीलंका सहित भारत के कई शहरों- कोलकाता, लखनऊ, बंगलूरू, बीकानेर, मिर्जापुर, मुगलसराय आदि जगहों से कुल 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षाविद्, गृहिणियों के साथ ही आयुर्वेद, संस्कृत, दर्शन, वनस्पति विज्ञान, विज्ञान और इंजीनियरिंग के विद्यार्थी शामिल थे।
कार्यक्रम के अंतर्गत कैवल्यधाम लोणावला, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने योगाभ्यास, प्राणायाम, प्रेक्षा ध्यान, यौगिक आहार और डिजिटल डिटॉक्स जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। उन्हें मानसिक अनुशासन, आत्म-जागरूकता और संतुलित एवं स्वस्थ जीवन-शैली विकसित करने की सीख और सोच दी।
चार बजे उठना ही अद्भुत अनुभव रहा
कनाडा से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिव ने कहा कि सुबह 4 बजे उठकर सत्रों में शामिल होना एक अद्भुत और प्रेरणादायी अनुभव रहा। सिद्धांत सत्रों ने योग की व्यापकता का नया दृष्टिकोण दिया। दूसरे प्रतिभागियों ने कहा कि इस कोर्स ने जीवन-पद्धति, आहार, योगाभ्यास और यौगिक अनुशासन के वास्तविक लाभों को समझने का मौका दिया। इस दौरान कोर्स कोऑर्डिनेटर डाॅ. गीता भट्ट और केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी सहित कई विशेषज्ञ 12 दिनों तक मौजूद रहे।