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सुरक्षित मातृत्व दिवस पर महिलाओं की जांच
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वाराणसी। जिले के सभी ब्लाकों और शहर के स्वास्थ्य केंद्रों पर गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इस दौरान चिकित्सकों द्वारा महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच के साथ ही मधुमेह, हीमोग्लोबीन, एचआईवी जांच करने के साथ ही सेहत पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया गया।
हर महीने के नौ तारीख को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को जागरूक करना, मातृत्व मृत्यु दर को कम करने के साथ ही बच्चे के स्वस्थ जीवन और सुरक्षित प्रसव है। इस दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञों की ओर से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लडप्रेशर, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांच नि:शुल्क की गई। इसके अलावा टिटनेस का टीका, आयरन, कैल्शियम और आवश्यक दवाएं भी वितरित की गई। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि महिलाओं को सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। यदि किसी गर्भवती महिला में 7 ग्राम से कम खून होता है तो उसको सीवियर एनीमिया की स्थिति में रखा जाता है। गर्भावस्था के समय महिलाओं को कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच करानी चाहिए और डॉक्टर से नियमित सलाह लेनी चाहिए। अधिक से अधिक हरी सब्जियां, अंकुरित चने एवं दालें, गुड़ आदि का सेवन करना जरूरी होता है।
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हर महीने के नौ तारीख को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को जागरूक करना, मातृत्व मृत्यु दर को कम करने के साथ ही बच्चे के स्वस्थ जीवन और सुरक्षित प्रसव है। इस दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञों की ओर से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लडप्रेशर, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांच नि:शुल्क की गई। इसके अलावा टिटनेस का टीका, आयरन, कैल्शियम और आवश्यक दवाएं भी वितरित की गई। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि महिलाओं को सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। यदि किसी गर्भवती महिला में 7 ग्राम से कम खून होता है तो उसको सीवियर एनीमिया की स्थिति में रखा जाता है। गर्भावस्था के समय महिलाओं को कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच करानी चाहिए और डॉक्टर से नियमित सलाह लेनी चाहिए। अधिक से अधिक हरी सब्जियां, अंकुरित चने एवं दालें, गुड़ आदि का सेवन करना जरूरी होता है।
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