{"_id":"5ca5196abdec22146a72db01","slug":"51554323818-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेकों-दुकानों से वसूली और वर्चस्व के लिए बने जानी दुश्मन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकों-दुकानों से वसूली और वर्चस्व के लिए बने जानी दुश्मन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। छात्र गौरव सिंह की हत्या के पीछे बीएचयू में चल रहे निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों से प्रतिमाह की जाने वाली अवैध वसूली एक बड़ी वजह है। कैंपस की दुकानों व कैंटीन का आवंटन करीबियों को कराना और लंका के दवा व्यवसाइयों से वसूली भी इसका एक कारण है। इन सबकी जड़ में बिड़ला ए और सी हॉस्टल हैं। ठेकेदारों और दुकानदारों को आए दिन धमकाया जाता है। ऐसे छात्रों को कुछ प्राध्यापक और बड़े दलों के नेता भी प्रश्रय देते हैं। पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में हत्या की यही वजहें सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार, खुद को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश में छात्र एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए आए दिन उपद्रव करते हैं। कम समय में ज्यादा कमाई के चक्कर में दोस्ती दुश्मनी में बदल गई और बिड़ला ए चौराहा के पास मंगलवार शाम बाइक सवार बदमाशों ने गौरव की हत्या कर दी। गौरव के पिता राकेश प्रसाद सिंह की तहरीर पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, रूपेश तिवारी, कुमार मंगलम, विनय द्विवेदी और तीन अज्ञात पर हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस हिरासत में लिए गए आशुतोष, कुमार मंगलम और विनय से पुलिस लाइन में पूछताछ कर रही है। आरोपी रूपेश को फायरिंग के दौरान मौजूद छात्रों ने पथराव कर घायल कर दिया था। उसे दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, प्रो. रोयाना सिंह शहर से बाहर बताई गई हैं। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि ठोस साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
भोर में पोस्टमार्टम और सुबह अंतिम संस्कार
हरिश्चंद्र घाट पर बेटे को मुखाग्नि देने के बाद पिता राकेश सिंह ने कहा कि दो दिन पहले ही बेटे की कुछ लोगों से कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। गौरव ने इसकी शिकायत रजिस्ट्रार से की थी। यदि रजिस्ट्रार ने ध्यान दिया होता तो शायद उनके बेटे की जान नहीं जाती। हमने बेटे के हत्यारों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस व प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जेल भेजा जाए। छात्रों ने भी बताया कि पहले आरोपी छात्रों और गौरव के बीच दोस्ती थी लेकिन इधर सभी एक-दूसरे को खटकने लगे थे।
.32 बोर की पिस्टल का किया गया इस्तेमाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गौरव को .32 बोर की पिस्टल से गोली मारी गई थी। गौरव के पेट, पीठ और रीढ़ की हड्डी पर तीन गोली लगी थी। पुलिस उसकी हत्या में शूटरों का इस्तेमाल की शक की जांच कर रही है। चारों आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार गौरव की कई लोगों से दुश्मनी थी। हाल ही में एक छात्रनेता से कहासुनी हुई थी। स्पंदन के दौरान और उसके बाद भी मारपीट हुई थी। गौरव से हाल में जिनकी मारपीट हुई थी, उनमें से दो आरोपी जेल में हैं और उनके संबंध बिहार के बदमाशों से हैं।
------------------
आरोपियों पर पहले से ही दर्ज हैं मुकदमे
गौरव और सभी आरोपियों पर पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं। लंका पुलिस के अनुसार, गौरव पर आपराधिक आरोपों में तीन मुकदमे दर्ज हैं। प्रो. रोयाना सिंह पर चार, कुमार मंगलम पर दो, आशुतोष पर तीन और रूपेश पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। जानकारों का कहना है कि यदि पहले से दर्ज मुकदमों की विवेचना और कार्रवाई पुलिस ने लापरवाही नहीं बरती होती तो ऐसी नौबत नहीं आती।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, खुद को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश में छात्र एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए आए दिन उपद्रव करते हैं। कम समय में ज्यादा कमाई के चक्कर में दोस्ती दुश्मनी में बदल गई और बिड़ला ए चौराहा के पास मंगलवार शाम बाइक सवार बदमाशों ने गौरव की हत्या कर दी। गौरव के पिता राकेश प्रसाद सिंह की तहरीर पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, रूपेश तिवारी, कुमार मंगलम, विनय द्विवेदी और तीन अज्ञात पर हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है।
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में लिए गए आशुतोष, कुमार मंगलम और विनय से पुलिस लाइन में पूछताछ कर रही है। आरोपी रूपेश को फायरिंग के दौरान मौजूद छात्रों ने पथराव कर घायल कर दिया था। उसे दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, प्रो. रोयाना सिंह शहर से बाहर बताई गई हैं। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि ठोस साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
भोर में पोस्टमार्टम और सुबह अंतिम संस्कार
हरिश्चंद्र घाट पर बेटे को मुखाग्नि देने के बाद पिता राकेश सिंह ने कहा कि दो दिन पहले ही बेटे की कुछ लोगों से कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। गौरव ने इसकी शिकायत रजिस्ट्रार से की थी। यदि रजिस्ट्रार ने ध्यान दिया होता तो शायद उनके बेटे की जान नहीं जाती। हमने बेटे के हत्यारों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस व प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जेल भेजा जाए। छात्रों ने भी बताया कि पहले आरोपी छात्रों और गौरव के बीच दोस्ती थी लेकिन इधर सभी एक-दूसरे को खटकने लगे थे।
.32 बोर की पिस्टल का किया गया इस्तेमाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गौरव को .32 बोर की पिस्टल से गोली मारी गई थी। गौरव के पेट, पीठ और रीढ़ की हड्डी पर तीन गोली लगी थी। पुलिस उसकी हत्या में शूटरों का इस्तेमाल की शक की जांच कर रही है। चारों आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार गौरव की कई लोगों से दुश्मनी थी। हाल ही में एक छात्रनेता से कहासुनी हुई थी। स्पंदन के दौरान और उसके बाद भी मारपीट हुई थी। गौरव से हाल में जिनकी मारपीट हुई थी, उनमें से दो आरोपी जेल में हैं और उनके संबंध बिहार के बदमाशों से हैं।
------------------
आरोपियों पर पहले से ही दर्ज हैं मुकदमे
गौरव और सभी आरोपियों पर पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं। लंका पुलिस के अनुसार, गौरव पर आपराधिक आरोपों में तीन मुकदमे दर्ज हैं। प्रो. रोयाना सिंह पर चार, कुमार मंगलम पर दो, आशुतोष पर तीन और रूपेश पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। जानकारों का कहना है कि यदि पहले से दर्ज मुकदमों की विवेचना और कार्रवाई पुलिस ने लापरवाही नहीं बरती होती तो ऐसी नौबत नहीं आती।