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पत्नी और बेटे बच्चे की आत्महत्या के मामले में पति गिरफ्तार
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सारनाथ। श्रीनगर कॉलोनी में फंदे से लटकी मिली श्वेता सिंह (35) और उसके बेटे प्रांजल (5) के मामले में रविवार को पुलिस ने पति अरुण कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद मां और बेटे का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
गाजीपुर के दिलदार नगर का मूल निवासी अरुण सारनाथ थाना अंतर्गत श्रीनगर कॉलोनी में किराये के मकान में पत्नी श्वेता और बेटे प्रांजल के साथ रहता था। शनिवार रात श्वेता और प्रांजल के शव फंदे से लटके मिले थे। मौके पर मिले सुसाइड नोट के अनुसार, पति द्वारा चरित्र पर शक किए जाने के कारण श्वेता ने बच्चे के साथ फांसी लगाकर जान दी थी। सारनाथ पुलिस की सूचना पर प्रयागराज के नैनी से आए श्वेता के पिता मुक्तेश्वर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने जून 2011 में बेटी का विवाह किया था। इससे पहले दहेज उत्पीड़न के आरोप में अरुण और उसके मां-बाप के खिलाफ नैनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस बीच जून 2018 में जब घर पर कोई नहीं था तो श्वेता और बच्चे को लेकर अरुण बनारस चला आया था। इंस्पेक्टर सारनाथ ने बताया कि श्वेता के पिता की तहरीर और मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर अरुण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
नानी हम लोगों को पापा नहीं आने दे रहे हैं
प्रयागराज से मुक्तेश्वर प्रसाद के साथ उनकी पत्नी सुनयना देवी भी आईं थीं। बेटी और नाती का शव देखते ही सुनयना की हालत बेसुधों जैसी हो गई। कहा कि चार दिन पहले श्वेता से बात हुई थी। वह कह रही थी कि अरुण और उसके परिवार के लोग फिर प्रताड़ित करने लगे हैं। प्रांजल ने कहा था कि नानी हम लोगों को पापा प्रयागराज नहीं आने दे रहे हैं।
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गाजीपुर के दिलदार नगर का मूल निवासी अरुण सारनाथ थाना अंतर्गत श्रीनगर कॉलोनी में किराये के मकान में पत्नी श्वेता और बेटे प्रांजल के साथ रहता था। शनिवार रात श्वेता और प्रांजल के शव फंदे से लटके मिले थे। मौके पर मिले सुसाइड नोट के अनुसार, पति द्वारा चरित्र पर शक किए जाने के कारण श्वेता ने बच्चे के साथ फांसी लगाकर जान दी थी। सारनाथ पुलिस की सूचना पर प्रयागराज के नैनी से आए श्वेता के पिता मुक्तेश्वर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने जून 2011 में बेटी का विवाह किया था। इससे पहले दहेज उत्पीड़न के आरोप में अरुण और उसके मां-बाप के खिलाफ नैनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस बीच जून 2018 में जब घर पर कोई नहीं था तो श्वेता और बच्चे को लेकर अरुण बनारस चला आया था। इंस्पेक्टर सारनाथ ने बताया कि श्वेता के पिता की तहरीर और मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर अरुण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
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नानी हम लोगों को पापा नहीं आने दे रहे हैं
प्रयागराज से मुक्तेश्वर प्रसाद के साथ उनकी पत्नी सुनयना देवी भी आईं थीं। बेटी और नाती का शव देखते ही सुनयना की हालत बेसुधों जैसी हो गई। कहा कि चार दिन पहले श्वेता से बात हुई थी। वह कह रही थी कि अरुण और उसके परिवार के लोग फिर प्रताड़ित करने लगे हैं। प्रांजल ने कहा था कि नानी हम लोगों को पापा प्रयागराज नहीं आने दे रहे हैं।
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