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जहर का इंजेक्शन लगा महिला डॉक्टर ने जान दी
Updated Sat, 17 Nov 2018 02:03 AM IST
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वाराणसी। अर्दली बाजार क्षेत्र की चर्चित चिकित्सक डॉ. शिल्पी राजपूत ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगा कर आत्महत्या कर ली। कैंट पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने बेटे पर आरोप लगाए हैं कि वह उनकी हत्या करना चाहता है।
अर्दली बाजार क्षेत्र स्थित न्यू उमंग नर्सिंगहोम की संचालिका डॉ. शिल्पी (48) प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं। पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात 1:30 से 2 बजे के बीच डॉ. शिल्पी ने खुद को जहर के दो इंजेक्शन लगाए। सुबह सूचना मिलने पर उनकी बहन डॉ. स्मिता राजपूत पहुंची और उन्हें लेकर अस्पताल गईं, जहां चिकित्सकों ने महिला डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है।
बेटे से था डर
डॉ शिल्पी का एक बेटा उमंग और एक बेटी दीप्ति है। दोनों दिल्ली में रहते हैं। बेटा नौकरी करता है और बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। डॉ.शिल्पी ने सुसाइड नोट में अपने बेटे उमंग पर आरोप लगाया कि वह उनकी हत्या करना चाहता था और संपत्ति हड़पना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पति का जिक्र करते हुए लिखा है कि उन्होंने 17 वर्ष एक हैवान के साथ बिताए और अपने बच्चों को पाला।
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पति की हत्या में आरोपी थीं
डॉ. शिल्पी के पति और सरकारी चिकित्सक रहे डॉ. डीपी सिंह की 11 वर्ष पहले 13 सितंबर 2007 को पांडेयपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डॉ. शिल्पी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में छह अन्य आरोपियों के साथ जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
व्यवहार असामान्य था
उनके जानने वालों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उनका व्यवहार ठीक नहीं था। उन्हें बहुत कम नींद आती थी। वह काफी बड़बड़ाती रहती थीं। ड्रग्स और एस्टेरॉइड के इंजेक्शन भी लेती थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार सीसी फुटेज में वह इंजेक्शन लेते दिख रही हैं।
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अर्दली बाजार क्षेत्र स्थित न्यू उमंग नर्सिंगहोम की संचालिका डॉ. शिल्पी (48) प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं। पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात 1:30 से 2 बजे के बीच डॉ. शिल्पी ने खुद को जहर के दो इंजेक्शन लगाए। सुबह सूचना मिलने पर उनकी बहन डॉ. स्मिता राजपूत पहुंची और उन्हें लेकर अस्पताल गईं, जहां चिकित्सकों ने महिला डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है।
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बेटे से था डर
डॉ शिल्पी का एक बेटा उमंग और एक बेटी दीप्ति है। दोनों दिल्ली में रहते हैं। बेटा नौकरी करता है और बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। डॉ.शिल्पी ने सुसाइड नोट में अपने बेटे उमंग पर आरोप लगाया कि वह उनकी हत्या करना चाहता था और संपत्ति हड़पना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पति का जिक्र करते हुए लिखा है कि उन्होंने 17 वर्ष एक हैवान के साथ बिताए और अपने बच्चों को पाला।
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पति की हत्या में आरोपी थीं
डॉ. शिल्पी के पति और सरकारी चिकित्सक रहे डॉ. डीपी सिंह की 11 वर्ष पहले 13 सितंबर 2007 को पांडेयपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डॉ. शिल्पी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में छह अन्य आरोपियों के साथ जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
व्यवहार असामान्य था
उनके जानने वालों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उनका व्यवहार ठीक नहीं था। उन्हें बहुत कम नींद आती थी। वह काफी बड़बड़ाती रहती थीं। ड्रग्स और एस्टेरॉइड के इंजेक्शन भी लेती थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार सीसी फुटेज में वह इंजेक्शन लेते दिख रही हैं।