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वाणिज्यकर विभाग ने की छापेमारी, फैक्ट्री सील
Updated Sat, 16 Jun 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। वाणिज्यकर विभाग ने शुक्रवार को फिर एक फैक्ट्री को सीज कर दिया। फैक्ट्री का मालिक सेवईं के नाम पर मैक्रोनी व पास्ता का कारोबार करते पाया गया। कारोबारी छह माह से रिटर्न में बिक्री वगैरह कुछ भी नहीं दिखाया। इस आधार पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख की कर चोरी का मामला उजागर हुआ।
कर चोरी की सूचना पर वाणिज्यकर विभाग की टीम टंग एंड टेस्ट की डाफी स्थित फैक्ट्री व लंका हेड आफिस में पहुंची और गहन छानबीन की। प्रारंभिक जांच में करीब 50 लाख रुपये की कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है। कारोबारी सेवई के नाम पर मैक्रोनी व पास्ता का कारोबार करता था। टैक्स के नाम पर कुछ भी नहीं देता था। जांच के दौरान कई रजिस्टर अधिकारियों के हाथ लगे, जिसमें कारोबारी ने मजदूरों से काम कराया है और लाखों रुपये के बिजली का उपयोग भी पाया गया। फैक्ट्री मालिक ने पिछले छह माह की बिक्री कहीं नहीं दिखाया है।
पिछले साल जुलाई से पहले कारोबारी का 18 से 20 लाख कारोबार भी हुआ है। इसके बावजूद कारोबार में कारोबार में कुछ भी न दिखाते हुए टैक्स नहीं दिया। सेवई की आड़ में मैक्रोनी व पास्ता की सप्लाई की है। वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 जीएस बोनाल के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर ओपी तिवारी व विमलेश शुक्ला के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। टीम में डिप्टी कमिश्नर परमानंद, संजय कुमार मिश्रा, आनंद कुमार राय, असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद पाठक, अजय कुमार पांडेय व राम आशीष पांडेय शामिल रहे।
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कर चोरी की सूचना पर वाणिज्यकर विभाग की टीम टंग एंड टेस्ट की डाफी स्थित फैक्ट्री व लंका हेड आफिस में पहुंची और गहन छानबीन की। प्रारंभिक जांच में करीब 50 लाख रुपये की कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है। कारोबारी सेवई के नाम पर मैक्रोनी व पास्ता का कारोबार करता था। टैक्स के नाम पर कुछ भी नहीं देता था। जांच के दौरान कई रजिस्टर अधिकारियों के हाथ लगे, जिसमें कारोबारी ने मजदूरों से काम कराया है और लाखों रुपये के बिजली का उपयोग भी पाया गया। फैक्ट्री मालिक ने पिछले छह माह की बिक्री कहीं नहीं दिखाया है।
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पिछले साल जुलाई से पहले कारोबारी का 18 से 20 लाख कारोबार भी हुआ है। इसके बावजूद कारोबार में कारोबार में कुछ भी न दिखाते हुए टैक्स नहीं दिया। सेवई की आड़ में मैक्रोनी व पास्ता की सप्लाई की है। वाणिज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 जीएस बोनाल के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर ओपी तिवारी व विमलेश शुक्ला के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। टीम में डिप्टी कमिश्नर परमानंद, संजय कुमार मिश्रा, आनंद कुमार राय, असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद पाठक, अजय कुमार पांडेय व राम आशीष पांडेय शामिल रहे।
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