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4200 किसानों का कर्ज होगा माफ
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:52 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ऋणमोचन योजना के तहत जिले के 4200 किसानों का 13.50 करोड़ कर्ज माफ किया जाएगा। कृषि विभाग ने पात्र किसानों की सूची के साथ शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें तीन चरणों में किन्हीं कारणों से वंचित 1443 किसान लाभान्वित होंगे। साथ ही 2800 एनपीए खाता वाले किसानों के भी पौने चार करोड़ रुपये माफ किए जाएंगे। मालूम हो कि जिले में अब तक 12 हजार किसान योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद किसानों की ऋणमाफी को लेकर सरकार ने फैसला लिया। इसके लिए जिले में 22 हजार किसान चिह्नित गए थे। करीब तीन से चार माह के दौरान तीन चरणों में 10 हजार किसानों को ऋणमाफी का लाभ दिया गया। योजना में 12 हजार किसान वंचित हो गए। कुछ किसान तो तकनीकी खामियों से निराश हुए, लेकिन कई लेखपालों की मनमानी से ऋणमाफी से वंचित हो गए। प्रदेशभर से विरोध के सुर उठने पर सरकार ने किसान ऋणमोचन पोर्टल बनाया। इसमें किसानों से आवेदन मांगा गया। आवेदनों का तहसीलों से सत्यापन के बाद कृषि विभाग ने बृहस्पतिवार को डिमांड शासन को भेजा है। इसमें किन्हीं कारणों से पूर्व में वंचित 1443 किसानों का कर्ज माफ करने के लिए नौ करोड़ 97 लाख जबकि 2800 एनपीए के लिए तीन करोड़ 77 लाख की डिमांड भेजी गई। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि तीनों तहसीलों में सत्यापन के बाद 1443 वंचित किसान और एनपीए के 2800 किसान पात्र मिले। एनपीए में ज्यादातर को-ऑपरेटिव बैंक के किसान रहे। जिनका चार से 15 हजार तक धनराशि रही। इससे एनपीए में मात्र पौने चार करोड़ की मांग की गई। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह से 10 दिन के अंदर किसानों का ऋणमाफ हो जाएगा।
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सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद किसानों की ऋणमाफी को लेकर सरकार ने फैसला लिया। इसके लिए जिले में 22 हजार किसान चिह्नित गए थे। करीब तीन से चार माह के दौरान तीन चरणों में 10 हजार किसानों को ऋणमाफी का लाभ दिया गया। योजना में 12 हजार किसान वंचित हो गए। कुछ किसान तो तकनीकी खामियों से निराश हुए, लेकिन कई लेखपालों की मनमानी से ऋणमाफी से वंचित हो गए। प्रदेशभर से विरोध के सुर उठने पर सरकार ने किसान ऋणमोचन पोर्टल बनाया। इसमें किसानों से आवेदन मांगा गया। आवेदनों का तहसीलों से सत्यापन के बाद कृषि विभाग ने बृहस्पतिवार को डिमांड शासन को भेजा है। इसमें किन्हीं कारणों से पूर्व में वंचित 1443 किसानों का कर्ज माफ करने के लिए नौ करोड़ 97 लाख जबकि 2800 एनपीए के लिए तीन करोड़ 77 लाख की डिमांड भेजी गई। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि तीनों तहसीलों में सत्यापन के बाद 1443 वंचित किसान और एनपीए के 2800 किसान पात्र मिले। एनपीए में ज्यादातर को-ऑपरेटिव बैंक के किसान रहे। जिनका चार से 15 हजार तक धनराशि रही। इससे एनपीए में मात्र पौने चार करोड़ की मांग की गई। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह से 10 दिन के अंदर किसानों का ऋणमाफ हो जाएगा।
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