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शीतलाघाट पे काशी में हम जाके शीश झुकाईब हो...0
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। शीतलाघाट पे काशी में हम जाके शीश झुकाईब हो...की तान जब दिल्ली के सांसद व भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने छेड़ी तो पूरा शीतला घाट हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। सोमवार की देर रात जब मनोज तिवारी पांच दिवसीय संगीत समारोह के चौथी निशा में हाजिरी लगाने पहुंचे तो उनके प्रशंसकों का रेला उमड़ पड़ा। मनोज ने सभी का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकार करते हुए बीते वर्षों की यादों को गीत के माध्यम से साझा किया। शीतला घाट के दोनों तरफ की मढि़यों पर लोग खड़े होकर अपने भोजपुरी गायक मनोज के गीतों को सुनते रहे।
देवी गीत गाते हुए मनोज ने कहा कि ये गीत मैं सब जगह गाता हूं विदेशों में भी शीतला मईया क बखान गावल जाला। मेरी मां बताती है कि गंगा मेरी माता है। उन्होंने कहा कि हमरे मोदी जी के दिह मईया उहे अशिसिया ना...। काशी की जनता के लिये मनोज ने माई हो बनवले रहिये ई शीतला परिवार रूपवा मनवा मोहत बा...सबके दीवाना बनवले बा... समेत कई देवी और देशभक्ति गीत भी सुनाए। श्रोता भी मनोज के गीतों पर झूमते और नाचते रहे।
मनोज तिवारी को महंत ने चुनरी और माल्यार्पण, मोर पंखी की कलगी लगी टोपी, मोती की माला, अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया। इसके पहले गायन वादन नृत्य का शुभारंभ अभिषेक वर्मा व साथी कलाकारों के द्वारा पारंपरिक धुन बजाकर किया गया। माता प्रसाद मिश्र ने जै जै भवानी दुर्गे रानी घंटा घन घन बाजे...पर मनोहारी कथक नृत्य से सभी का मन मोह लिया। रुद्र शंकर मिश्र व स्नेहा बजाज ने राधा कृष्ण पर आधारित नृत्य मोहे छेडे़ डगरिया पे श्याम ..., असुर हरणी सुख करणी बोल पर नृत्य प्रस्तुत किये। तबले पर उदय शंकर मिश्र, सारंगी पर राजेश मिश्र, हारमोनियम पर संतोष मिश्र ने साथ दिया। गोविंद गोपाल ने मैहर घुमवली जम्मू घुमवली...गेहूवा के बलिया मांई सूगवा जुठरलस हो कि कइसे कइसे ना...सुनाया। प्रियंका पाण्डेय ने निमिया के डार मईया... पारम्परिक देवी गीत सुनाकर वाहवाही बटोरी, कुसुम पाण्डेय ने देवी दुवरिया जे भी आई उसका पांव दबाउंगी..., सातों बहिना शीतला के बुलवा दी राजा जी हो...सुनाया।
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पुनीत कृष्ण जेटली ने किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..., अनामिका झा ,शुभम तिवारी,संजय दूबे,ज्योति माही सहित अनेक कलाकारों ने रात्री पर्यन्त मां के दरबार में हाजिरी लगाई। कलाकारों के साथ तबले पर दीपक सिंह ,बलराम मिश्र , ढोलक पे मोती ,पैड पर वीरेंद्र ,बैंजो पर पप्पू आर्गन पर अजित ने कुशल संगत किया। कार्यक्रम का संचालन कन्हैया दूबे के.डी .ने किया। कलाकारों का स्वागत अविनाश पांडेय ,मनीष पाण्डेय ,आनंद ,सतीश पाण्डेय, प्रभुनाथ, अवशेष पाण्डेय ने किया। सिद्धपीठ श्री बड़ी शीतला माता मांई धाम में सायंकाल माता शीतला को पंचामृत स्नान कराकर षोडशोपचार विधि से पूजन पं पुरुषोत्तम पाण्डेय और आरती महंत पं. शिव प्रसाद पाण्डेय ने उतारी। कार्यक्रम का संचालन गीतकार कन्हैया दूबे के.डी. ने किया।
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देवी गीत गाते हुए मनोज ने कहा कि ये गीत मैं सब जगह गाता हूं विदेशों में भी शीतला मईया क बखान गावल जाला। मेरी मां बताती है कि गंगा मेरी माता है। उन्होंने कहा कि हमरे मोदी जी के दिह मईया उहे अशिसिया ना...। काशी की जनता के लिये मनोज ने माई हो बनवले रहिये ई शीतला परिवार रूपवा मनवा मोहत बा...सबके दीवाना बनवले बा... समेत कई देवी और देशभक्ति गीत भी सुनाए। श्रोता भी मनोज के गीतों पर झूमते और नाचते रहे।
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मनोज तिवारी को महंत ने चुनरी और माल्यार्पण, मोर पंखी की कलगी लगी टोपी, मोती की माला, अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया। इसके पहले गायन वादन नृत्य का शुभारंभ अभिषेक वर्मा व साथी कलाकारों के द्वारा पारंपरिक धुन बजाकर किया गया। माता प्रसाद मिश्र ने जै जै भवानी दुर्गे रानी घंटा घन घन बाजे...पर मनोहारी कथक नृत्य से सभी का मन मोह लिया। रुद्र शंकर मिश्र व स्नेहा बजाज ने राधा कृष्ण पर आधारित नृत्य मोहे छेडे़ डगरिया पे श्याम ..., असुर हरणी सुख करणी बोल पर नृत्य प्रस्तुत किये। तबले पर उदय शंकर मिश्र, सारंगी पर राजेश मिश्र, हारमोनियम पर संतोष मिश्र ने साथ दिया। गोविंद गोपाल ने मैहर घुमवली जम्मू घुमवली...गेहूवा के बलिया मांई सूगवा जुठरलस हो कि कइसे कइसे ना...सुनाया। प्रियंका पाण्डेय ने निमिया के डार मईया... पारम्परिक देवी गीत सुनाकर वाहवाही बटोरी, कुसुम पाण्डेय ने देवी दुवरिया जे भी आई उसका पांव दबाउंगी..., सातों बहिना शीतला के बुलवा दी राजा जी हो...सुनाया।
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पुनीत कृष्ण जेटली ने किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..., अनामिका झा ,शुभम तिवारी,संजय दूबे,ज्योति माही सहित अनेक कलाकारों ने रात्री पर्यन्त मां के दरबार में हाजिरी लगाई। कलाकारों के साथ तबले पर दीपक सिंह ,बलराम मिश्र , ढोलक पे मोती ,पैड पर वीरेंद्र ,बैंजो पर पप्पू आर्गन पर अजित ने कुशल संगत किया। कार्यक्रम का संचालन कन्हैया दूबे के.डी .ने किया। कलाकारों का स्वागत अविनाश पांडेय ,मनीष पाण्डेय ,आनंद ,सतीश पाण्डेय, प्रभुनाथ, अवशेष पाण्डेय ने किया। सिद्धपीठ श्री बड़ी शीतला माता मांई धाम में सायंकाल माता शीतला को पंचामृत स्नान कराकर षोडशोपचार विधि से पूजन पं पुरुषोत्तम पाण्डेय और आरती महंत पं. शिव प्रसाद पाण्डेय ने उतारी। कार्यक्रम का संचालन गीतकार कन्हैया दूबे के.डी. ने किया।